पानीपत। मजदूर संगठन सीटू नगर निगम के ड्रेन नंबर-1 पर सुंदरता के नाम पर लोगों के घर तोड़ने के विरोध में उतर आया है। सीटू ने स्थानीय लोगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बबैल रोड स्थित सैनी कॉलोनी के करीब 350 मकानों पर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने का नोटिस का विरोध किया। स्थानीय निवासी रमेश, हरपाल और जितेंद्र ने बताया कि वे 1988 से फुल पेमेंट एग्रीमेंट के जरिए जमीन खरीदकर अपने मकान बनाकर रह रहे हैं। लगभग 38 सालों बाद नगर निगम इस जमीन पर अपनी मलकियत का दावा कर रहा है। वर्तमान में वहां 32 से 37 फीट चौड़ा रास्ता उपलब्ध है, लेकिन प्रशासन अब 80 फीट तक निशान लगाकर मकान तोड़ने की तैयारी कर रहा है। लोगों का आरोप है कि रसूखदार और उद्योगपतियों को बचाने के लिए गरीब परिवारों के मकानों को जबरन निशाना बनाया जा रहा है। इस मामले पर सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, माकपा जिला सचिव डॉ. सुरेंद्र मलिक और इंडस्ट्रियल वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान ने पीड़ितों को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। नेताओं ने सरकार और नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई को गरीब विरोधी करार दिया और चेतावनी दी कि शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर मजदूरों की बस्तियों को उजाड़ना तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने मांग की कि जिस तरह ग्रामीण गरीबों को 100-100 गज के प्लॉट दिए जाते हैं, उसी तर्ज पर शहरी मजदूरों को भी आवास की सुविधा मिलनी चाहिए, न कि उनके बने-बनाये घर गिराए जाएं। नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ तीन सितंबर को बैबल रोड स्थित छोटू राम चौक पर एक बड़ी विरोध सभा आयोजित की जाएगी। इसमें न्याय संघर्ष समिति का गठन कर आगे के आंदोलन की रणनीति तय होगी।