नारनौल। जिले में लंपी स्किन डिजीज के तेजी से फैलते संक्रमण ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक कुल 221 पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 102 पशु उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन 117 मामले अभी भी सक्रिय हैं। इस संक्रमण के कारण दो गायों की मौत भी हो चुकी है। अभी तक यह बीमारी घरों में पाले जा रहे पालतू पशुओं तक ही सीमित थी, लेकिन अब यह संक्रमण गोशालाओं तक भी पहुंच चुका है। जिले में सबसे अधिक मामले नारनौल में पाए गए हैं, जबकि कनीना में इनकी संख्या सबसे कम रही। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चला रहा है। जिले में कुल 70 हजार गायों की संख्या के मुकाबले अब तक 60 हजार पशुओं का ही टीकाकरण किया जा चुका है। सबसे बड़ी राहत जिले की गोशालाओं से मिली है, जहां वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया गया है। इसके चलते गोशालाओं में संक्रमण पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है और गोशाला में जो 6 गायें संक्रमित मिली थी, उन्हें अलग वार्ड में रखा गया है। बॉक्स: ब्लॉक मामले (सक्रिय) नारनौल 43 महेंद्रगढ़ 37 कनीना 24 वर्जन: विभाग की टीमें सक्रिय मामलों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि शरीर पर गांठें, बुखार, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं को आइसोलेट रखने, परिसर की साफ-सफाई और समय पर टीकाकरण कराने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, नारनौल।