कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में मंगलवार को अनामंडियों में एक बार फिर उस समय खलबली मच गई जब दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हुई। आनन-फानन में धान की ढेरियां ढकी जाने लगी तो वहीं सुखाया गया धान समेटा गया। बदले मौसम ने धान लेकर आए व कटाई में लगे किसानों की एकाएक चिंता बढ़ा दी लेकिन बारिश तेज न होने पर राहत की सांस ली। पिछले चार दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी दोपहर तक कभी धूप तो कभी बादल छाए रहे। शाम करीब चार बजे अचानक घटाएं उठी तो तेज बारिश की भी संभावना बन गई लेकिन कईं जगहों पर बूंदाबांदी ही हुई। हालांकि इसका 1509 किस्म की धान की कटाई व आवक पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा। पिछले दो दिनों से मंडियों में आवक तेज हो गई है तो वहीं खेताें में कंबाईन गूंजने लगी है। अनाजमंडियों में अभी तक 50 हजार क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है वहीं माना जा रहा है कि इसी सप्ताह ही धान की आवक चरम पर पहुंच जाएगी तो इस किस्म की धान की कटाई भी अगले 15 से 20 दिन में पूरी हो जाएगी। बॉक्स पिछले साल के मुकाबले भाव तेज मिलने से किसानों को राहत पिछले साल के मुकाबले इस बार 1509 किस्म की धान के भाव तेज मिल रहे हैं। हालांकि थानेसर सहित कईं मंडियों में भाव में पिछले सप्ताह ही कभी उछाल तो कभी मंदी देखी गई। इसके बावजूद पिछले साल की अपेक्षा भाव अधिक माने जा रहे हैं। बॉक्स 20 दिन तक अधिकतर धान की हो जाएगी कटाई : गुरनाम सिंह गांव सिंहपुरा से पांच एकड़ की धान लेकर थानेसर अनाजमंडी में पहुंचे किसान गुरनाम सिंह का कहना था कि अब धान कटाई तेज होने लगी है। अगले 20 दिन तक इस किस्म की धान की अधिकतर कटाई हो जाएगी। उन्होंने माना कि अभी धान में कुछ नमी मिलती है लेकिन यहां साफ-सफाई के दौरान यह दूर हो जाती है। मंडी में धूप लगने के बाद भी नमी तय मात्रा तक ही रह जाती है। इस बार भाव चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं, जो पिछले साल से 700 से 800 रुपये तक अधिक है। उम्मीद है अगले दिनों में यह भाव और भी तेज होगा।