करनाल। जापान के आइची प्रान्त और नागोया शहर में खेले जा रहे पैरा एशियन गेम्स में जिले के खिलाड़ी नीतेश ने एसएल तीन की श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के फाइनल में उनका मुकाबला भारत के ही खिलाड़ी प्रमोद भगत से हुआ था। जिसमें उन्होंने 21-16 के स्कोर से जीत अपने नाम की। नीतेश के स्वर्ण पदक जीतने के उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। नीतेश ने प्रतियोगिता की शुरुआत दोहरी सफलता के साथ की थी। उन्होंने अपने पहले मुकाबले में अपनी महिला साथी थुलसिमाथी मुरुगेसन के साथ मिश्रित युगल में विपक्षी टीम को 21-18 से धूल चटाकर टूर्नामेंट में अपना पहला मुकाबला जीत था। साथ में नीतेश ने एकल श्रेणी में भी दक्षिण कोरिया के मजबूत खिलाड़ी जू डोंग-जाए को सीधे सेटों में 21-15 से शिकस्त देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। इसके बाद एकल के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनका सामना भारत के ही खिलाड़ी उमेश कुमार से हुआ। जिसमें उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को एक भी अंक अपने नाम करने का मौका नहीं दिया। बेहद रोमांचक भरे मुकाबले में नीतेश ने उमेश कुमार को 21-8 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। जहां सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया के इमरान मुहम्मद अली को सीधे सेटों में 21-19, 21-16 से हराया और फाइनल मुकाबले में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नीतेश के पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि नीतेश हमें अपने बेटे पर काफी गर्व है। उन्होंने बताया कि इसे पहले नीतेश ने पैरा एशियन गेम्स में रजत व कांस्य पदक अपने नाम किया था और इस बार उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि नीतेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर विश्व पटल पर देश का नाम रोशन किया था। उसके बाद से नीतेश ने एशियन गेम्स के लिए तैयारी शुरु कर दी थी। उन्होंने बताया कि नीतेश हैदराबाद में प्रशिक्षण लेते है। उन्होंने बताया कि मिश्रित युगल में नीतेश ने रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने बताया कि जब नीतेश रुड़की में अपनी आईआईटी की पढ़ाई कर रहे थे, तो वह उस समय फुटबॉल के खिलाड़ी थी, लेकिन दुर्घटना में पांव गवाने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 2014 में आईआईटी मंडी से पढ़ाई की। उनका खेल विभाग में 2019 में चयन हुआ। उन्होंने बताया कि नीतेश ने 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक अपने नाम किया था और उसके बाद से उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। इस समय नीतेश करनाल के कर्ण स्टेडियम में बतौर बैडमिंटन कोच कार्य कर रहे हैं। विदित हो कि नीतेश कुमार ने पेरिस पैरा ओलंपिक में भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। इस मुकाम को पाकर वह पेरिस पैरालंपिक (2024) में एसएल थ्री श्रेणी में पदक जीतने वाले पहले भारतीय भी बने। नीतेश की उपलब्धियां - वर्ष 2016 में नीतेश ने पहली बार नेशनल में कांस्य पदक जीता। - 2017 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत दर्ज की। - 2018 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया। - 2019 व 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत व कांस्य पदक पाया। - वर्ष 2023 स्पेन ओपन लेवल-दो के डबल मुकाबले में कांस्य पदक जीता। - वर्ष 2024 में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। -