बीरू वाल्मीकि की हत्या के मामले को लेकर वाल्मीकि समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाज के लोगों ने शुक्रवार को सेक्टर-12 स्थित व्यायामशाला पार्क में एक पंचायत का आयोजन किया। इस पंचायत में हत्याकांड की जांच, अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। समाज की प्रमुख मांगें हैं कि पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे छह आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। धमकियों का दौर और सुरक्षा की मांग पंचायत को संबोधित करते हुए, समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे राजेंद्र मान ने चिंता व्यक्त की कि हत्याकांड के संबंध में आवाज उठाने वाले लोगों को भी धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इन धमकियों की निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। समाज की यह भी मांग है कि जिन लोगों को धमकियां मिल रही हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके अलावा, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है। पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल राजेंद्र मान ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने योगेश को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसका एनकाउंटर क्यों नहीं किया गया, जबकि हर्ष और बीरबल का एनकाउंटर किया गया, जिनका नाम एफआईआर में भी नहीं था। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पुलिस ने अभी तक समाज को मामले में हुई प्रगति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है और न ही सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बारे में कोई खुलासा किया है। सांप्रदायिक सौहार्द की अपील राजेंद्र मान ने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मामले को जातिवाद का रूप देने और दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी अन्य समुदाय के बारे में गलत भाषा का प्रयोग न करें और शांति बनाए रखें।