कैथल। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं को मुफ्त सफर का तोहफा तो मिला, लेकिन पहले दिन यह सफर उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं रहा। रोडवेज प्रशासन की तरफ से त्योहार पर बसों के फेरे बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। इसके बावजूद वीरवार सुबह से ही बस स्टैंडों और मुख्य चौराहों पर महिलाएं और बच्चे बसों के इंतजार में घंटों खड़े नजर आए।वीरवार 12 बजे के पहले से ही बस स्टैंडों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। बसों की संख्या कम होने के कारण जो भी बस आ रही थी, वह पूरी तरह खचाखच भरी हुई थी। स्थिति इतनी खराब थी कि महिलाओं को बसों के गेट और पायदान पर लटककर सफर करने का प्रयास तक किया। कई जगहों पर भीड़ के कारण बस चालकों ने बस स्टैंड के अंदर गाड़ी ले जाने के बजाय बाहर से ही निकाल ली, जिससे तपती धूप में खड़ी महिलाओं में भारी गुस्सा देखा गया। अपने भाइयों को राखी बांधने जा रही बहनों में कलायत की सीमा, सुनीता का कहना था कि सरकार मुफ्त सफर की घोषणा तो कर देती है, लेकिन पर्याप्त बसें न होने से त्योहार का मजा किरकिरा हो जाता है।