सफीदों रोड स्थित गुरु रविदास धर्मशाला में रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आंबेडकर सभाओं, गुरु रविदास सभाओं की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा चमार समाज का नाम बदलकर मेघवाल रखने संबंधी दिए गए बयान पर खेद जताया। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से बयान वापस लेने और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. बीआर अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान राजेश पहलवान ने की। इस दौरान हरियाणा रविदासिया समाज महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिशपाल चालिया ने कहा कि चमार समाज की पहचान केवल एक नाम नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष, श्रम, त्याग और सामाजिक चेतना से बनी है। इसे किसी सरकार या राजनीतिक सत्ता की इच्छा से बदला नहीं जा सकता। समाज की पहचान उसके इतिहास और पूर्वजों के संघर्ष से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने सामाजिक भेदभाव और जातिगत ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाते हुए समानता, भाईचारे का संदेश दिया। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सभी समुदायों की भावनाओं और इतिहास के सम्मान की अपेक्षा होती है। समाज की सहमति के बिना उसकी पहचान के संबंध में किसी प्रकार की टिप्पणी या निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार को पहचान बदलने के बजाय गुरु रविदास की समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने पर काम करना चाहिए। गुरु रविदास की शिक्षाओं और डॉ. बीआर अंबेडकर के संविधान एवं सामाजिक न्याय के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। बैठक में बलवान दहिया, सुशील महिपाल, अधिवक्ता सुनील राज बामनिया, राजकुमार मुवाल, कश्मीरी लाल, रामभगत चहल, उमेद सिंह, जोधा राम, जोगिंदर चौहान, हांसी से वजीर सिंह मुवाल, रामसिंह गौतम, रामफल, कमलेश बिशन, गीता नरवाल और सुमन मुंडारा मौजूद रही। राज्य स्तर पर मनाएंगे गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती बैठक में गुरु रविदास की 650वीं जयंती को भव्य स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य स्तरीय आयोजन समाज की ओर से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आगामी बैठकों में विचार-विमर्श के बाद आयोजन स्थल तय किया जाएगा।