जींद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी जनजागरण अभियान के तहत बस अड्डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 94 चालक प्रशिक्षणार्थियों और आठ कर्मचारियों को नशे के दुष्परिणामों के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया गया। पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि चालक के लिए नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि उसके हाथों में वाहन में सवार यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी होती है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को नींद पूरी रखने, क्रोध से बचने और नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति को अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों की ओर भी धकेल सकती है। उन्होंने प्रतिबंधित मादक पदार्थों के सेवन, खरीद-बिक्री, परिवहन और तस्करी को गंभीर अपराध बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। डॉ. वर्मा ने तंबाकू और हुक्के के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी जय भगवान ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज को खोखला करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई है। अंत में नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशे से बचाने की शपथ दिलाई गई। डॉ. वर्मा ने प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना 1933 पर देने की अपील की।