झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सभी सफाई कर्मचारी 34वें दिन भी हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारी पिछले 34 दिन से नगर परिषद के प्रांगण में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। वहीं शहर से पिछले 6 दिनों से कूड़े का उठान नहीं हुआ है। इसके चलते शहर में जगह-जगह कूडे़ के ढेर लग चुके हैं। फिलहाल 150 टन के आसपास कूड़ा शहर में अलग-अलग जगहों पर पड़ा हुआ है। बाजार, कालोनियों और मुख्य मार्गों पर कूडे़ के ढेर लगे हुए हैं। नगर परिषद के 109 कर्मचारी लगातार हड़ताल और धरने पर हैं। मंगलवार को नगर परिषद झज्जर में कर्मचारियों के समर्थन में आए सर्व कर्मचारी संघ से राजेंद्र जुलाना, जिला प्रधान रामवीर, सुंदरलाल ब्लॉक प्रधान, देवेंद्र सहरावत जिला सचिव, विजेंद्र सैनी ब्लॉक प्रधान बहादुरगढ़, नरेश कुमार जिला सचिव, राजकुमार जिला सचिव गुरुग्राम, रिटायर कर्मचारी संघ से रमेश जाखड़, रामेश्वर बिरधाना, रोहताश सिंह, दिलीप सिंह रावत, बलबीर सिंह यादव, बलबीर सिंह कोटआए और कर्मचारियों को संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं करेगी, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है बल्कि और भी तेज होगा। इसकी जिम्मेवारी हरियाणा सरकार की होगी। उन्होंने मांग की कि संघ व सरकार के बीच हुए समझौते को लागू किया जाए, फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा पैरोल के सफाई कर्मचारी व सीवरमैन को पक्का किया जाए, झज्जर के 2014 में हटाए हुए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लो, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और ठेका प्रथा बंद किया जाए, सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये दिए जाएं, सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित किया जाए। इस अवसर पर विकास उज्जैनवाल, गौरव, कृष्ण, सुरेश, बबली, कमलेश, मनीषा, शीतल, रानी, दया, सुषमा, सुमित्रा, सीमा, अंजू, सुरेश, रविंद्र मौजूद रहे।