साल्हावास। जापान के नागोया शहर के इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में 20वीं एशियन चैंपियनशिप में शनिवार को पुरुषों के लिए हुए फ्रीस्टाइल मुकाबले में 57 किलोग्राम भार वर्ग में गांव बिरोहड निवासी ओलंपियन अमन सहरावत ने फाइनल में नार्थ काॅरिया के वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।यह 2026 एशियन गेम्स में भारत का 20वां और कुश्ती में कुल दूसरा गोल्ड मेडल है। एशियन गेम्स 2026 में यह अमन सहरावत का एशियन गेम्स में पहला गोल्ड मेडल है। अमन सहरावत के फाइनल इवेंट के दौरान परिजनों ने एक साथ बैठकर मैच देखा। अमन सहरावत के स्वर्ण पदक विजेता बनने पर दादा मांगेराम ने कहा कि उनके पोते ने एशियन गेम्स में लठ गाढ़ दिया है। दादी अणची ने कहा कि वे पोते का घर लौटने का इंतजार कर रही है और चुरमा खिलाकर अमन का स्वागत करेगी। वहीं दूसरी तरफ अमन सहरावत के ताऊ सुधीर, चाचा जयवीर,चाचा रणवीर व हिंद केसरी पहलवान कर्मवीर सहरावत ने कहा कि अमन सहरावत अब आगामी ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक विजेता बने, यही परिजनों की इच्छा है। अमन सहरावत के भाई राकेश सहरावत, बिंटू, विनय, दीपक, अमित व बहन पूजा और ज्योति ने कहा कि अमन ने एक बार फिर से बिरोहड़ के साथ-साथ समस्त देशवासियों को गौरवान्वित किया है। यह कुश्ती जगत के लिए बहुत ही प्रशंसा व गर्व का पल है। वहीं अमन के स्वर्ण पदक जीतने पर गांव में खुशी का माहौल रहा। अमन की जीत पर ग्रामीणों ने उसके दादा मांगेराम को सम्मानित किया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ढोल की थाप पर जश्न मनाते नजर आए। वहीं बच्चे, युवा और बुजुर्गों एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने अमन के दादा को भी गुलाल लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। दस दिन पहले अमन ने परिजनों का लिया आशीर्वाद एशियन गेम्स के फाइनल से दस दिन पहले अमन ने गांव बिरोहड़ के बाबा रघुनाथ मंदिर व मूलदास मंदिर में माथा टेक पूजा-अर्चना कर एशियन गेम्स में विजेता का आशीर्वाद लिया। उसकी जीत की कामना के लिए दो दिन पहले ही परिजनों ने हवन करवाया। गौरतलब है कि अमन सहरावत पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता रहे हैं। उन्होंने हांगकांग/हांगझोऊ 2022 एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक जीता था। फर्श से अर्श तक संघर्षपूर्ण रहा अमन का सफर 16 जुलाई 2003 को बिरोहड़ गांव में जन्मे अमन सहरावत ने छोटी उम्र में ही जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना किया। बचपन में बिरोहड़ के गाथणी धाम से कुश्ती शुरू करने वाले अमन मात्र 10 साल की उम्र में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे थे। 11 साल की उम्र में उठ गया था माता-पिता का साया 11 साल की उम्र में उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कुश्ती को ही अपना लक्ष्य बना लिया। परिजनों ने हमेशा उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने दी बधाई अमन सहरावत के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर सीएम नायाब सैनी, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, मंत्री अरविंद शर्मा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, झज्जर से कांग्रेस पार्टी की विधायक गीता भुक्कल, एसीपी राजबीर सिंह जाखड़, इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बिरोहड सरपंच प्रतिनिधि रवींद्रसहरावत ने भी बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। एक्स पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लिखा है कि म्हारे छोरे के आगे वर्ल्ड चैंपियन भी चित... बिरोहड़, झज्जर के पहलवान अमन सहरावत ने 2026 एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को हराकर देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है। पूरे देश को आप पर गर्व है। बहुत-बहुत बधाई चैंपियन! विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि अमन सहरावत ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और अदम्य हौसले से देश, हरियाणा और झज्जर का नाम रोशन किया है। उनकी यह शानदार उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।