हिसार। योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से डीएन कॉलेज में छठी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप आयोजित की जा रही है। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में हिसार और हांसी जिले के खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। पहले दिन शनिवार को लड़कों के मुकाबले हुए जबकि दूसरे दिन रविवार को लड़कियों के मुकाबले हो रहे हैं। पारंपरिक योगासन के सब-जूनियर वर्ग में भाविक सूरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में पार्थ सैनी और सीनियर वर्ग में अर्णव विजेता रहे। कलात्मक योगासन के सब-जूनियर सिंगल में भाविक सूरा ने भी स्वर्ण पदक जीता। सब-जूनियर पेयर में गोपेश शर्मा और आयुष बेरवाल ने पहला स्थान हासिल किया। रिदमिक योगासन के जूनियर पेयर में इमरान और पार्थ सैनी ने जीत दर्ज की। पारंपरिक योगासन के सीनियर-बी वर्ग में परमिंदर और सीनियर-सी वर्ग में नरेंद्र सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आर्टिस्टिक योगासन के जूनियर सिंगल में अभी और सीनियर सिंगल में अमन विजेता बने। सीनियर पेयर में दीपक और राजकुमार ने स्वर्ण पदक जीता। रिदमिक योगासन के सब-जूनियर पेयर में देवांश शर्मा और विवेक ने पहला स्थान हासिल किया। मेयर प्रवीण पोपली ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद से लोग नशा और मोबाइल फोन के दुष्परिणाम से भी बच सकेंगे। हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेश सिंगल ने प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। डीएन कॉलेज के प्राचार्य विक्रमजीत सिंह ने कहा कि एक पराजय से चार जीत की प्रेरणा मिलेगी। इंडियन योग एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश आर्य ने कहा कि योगासन युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित जीवन के साथ खेल में नई पहचान दिला रहा है। एसोसिएशन के मीडिया निदेशक सुरेंद्र पानू हिंदुस्तानी ने प्रतियोगिता का उद्देश्य खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाना बताया। डॉ. मुकेश कुमार ने संचालन किया। इस अवसर पर बसंत कुमार कंपटीशन डायरेक्टर, जोगिंदर दलाल, देवकी नंदन भाटिया एडवोकेट, कविता शर्मा, नरेंद्र वशिष्ठ, संजीव शर्मा, कोच नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सहरोया आदि मौजूद रहे। योगासन से स्वस्थ समाज और नई संभावनाएं : अंतरराष्ट्रीय वक्ता प्रवीण कुमार ने कहा कि योग को खेल का दर्जा मिलना गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि आने वाला समय योगासन से जुड़े खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा। विश्व योगासन चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता मधु वर्मा ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलाई। हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष जयदीप आर्य ने स्वस्थ एवं सशक्त समाज के लिए योग से जुड़ने का संदेश दिया। -चार कोट सचित्र - मैं करनाल जिले का स्थायी निवासी हूं। मैं यहां गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एमएससी योग विज्ञान की पढ़ाई कर रहा हूं। मैं पिछले साल अंतरविश्वविद्यालय योग प्रतियोगिता के साथ ही और अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित विश्व योग्य स्पर्धा में भी पदक जीत चुका हूं। - सुमित कुमार, जीजेयू। मैं अंतरविश्वविद्यालय योग प्रतियोगिता के साथ ही अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित विश्व योग्य स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुकी हूं। याेग खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हूं। राज्य सरकार की ओर से भी कैश अवॉर्ड समेत हर प्रकार का प्रोत्साहन मिलना सराहनीय है। - मधु वर्मा, सेक्टर -13। मैं तोशाम रोड स्थित सेंट मैरीज स्कूल में कक्षा छह का छात्र हूं। मेरी माता सुचित्रा और पिता लोकेश ने मुझे योग सीखने के लिए प्रेरित किया। मैं माथे और बाजुओं पर चंदन का तिलक लगाकर योगाभ्यास करता हूं। इन स्पर्धाओं का नाम तालबद्ध और कलात्मक युगल योगासन स्पर्धा करते हैं। - देवांश, निवासी हिसार। मेरी उम्र 12 साल है। मैं तीन साल से योगाभ्यास करता हूं। तब मेरी उम्र नौ साल थी। मैं और मेरी दीदी कोविल एपीएस में पढ़ते हैं। मैं कक्षा आठ और दीदी कोविल कक्षा 10वीं की छात्रा है। मेरे पिता वीरेंद्र राठी और माता नीरज कुमार ने प्रेरित किया। मैं पिछले साल जिलास्तरीय योग में पदक जीत चुका हूं। - परीक्षित राठी।