हांसी में रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज चौथा दिन है। हड़ताल के चलते बसों का संचालन ठप होने से आम यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हांसी बस स्टैंड पर यात्री घंटों बसों का इंतजार करते नजर आए। कोई गांव जाने के लिए बस पूछता रहा तो कोई दिल्ली, हिसार, चंडीगढ़ और करनाल जाने के लिए परेशान होता दिखाई दिया। बसें नहीं मिलने के कारण यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं चौथे दिन रोडवेज कर्मचारियों ने हांसी बस स्टैंड से जिला सचिवालय तक प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। हिसार डिपो और हांसी सब-डिपो में लंबित वित्तीय भत्तों और बकाया भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया हुआ है। हड़ताल के कारण हिसार डिपो की 181 और हांसी सब-डिपो की 71 बसों सहित कुल 259 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में नाइट ड्यूटी भत्ता, टीए, एलटीसी और मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है। कर्मचारियों के अनुसार करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का टीए भुगतान लंबित है। उनका दावा है कि चार दिनों से बसों का संचालन बंद रहने के कारण करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रोडवेज कर्मचारी जयबीर घणघस, सोनू मोर और मंजीत कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपने और धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक बकाया राशि उनके खातों में नहीं आती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी।कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो साझा मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के करीब 20 हजार रोडवेज कर्मचारी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। इससे पूरे हरियाणा में बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है। करनाल और चंडीगढ़ जाने वाले यात्री आजाद ने बताया कि वे काफी देर से बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बसें नहीं मिल रही हैं। सिरसा डिपो की बसें भी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रही हैं। ग्रामीण रूटों पर बस सेवा प्रभावित होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। फिलहाल रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़े हुए हैं, जबकि बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से इस गतिरोध का कोई समाधान निकलता है या फिर हरियाणा में रोडवेज का चक्का जाम और लंबा चलेगा।