एशियाई खेल में भारतीय महिला हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है। हॉकी टीम की खिलाड़ी सविता पूनिया और दीपिका सहरावत ने तोशाम रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है। पिछले चार वर्षों से टीम जिस लक्ष्य को लेकर मेहनत कर रही थी वह अब पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीतना पूरी टीम का सपना था। इसके लिए खिलाड़ियों ने पिछले चार वर्षों में लगातार मेहनत की और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। आखिरकार टीम को अपनी मेहनत का परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में मिला। खिलाड़ियों ने बताया कि खेल में उतरने से पहले टीम का मुख्य लक्ष्य स्वर्ण पदक हासिल करना था। टीम ने हर मुकाबले को गंभीरता से लिया और जीत की ओर कदम बढ़ाए। फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए टीम ने अपना लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूरी टीम को बेहद खुशी है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के लिए आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी। टीम अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इसी आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने की तैयारी करेंगी। इसके बाद एचएयू के गेट नंबर चार से एस्ट्रो टर्फ तक खुली जिप्सी में विजय जुलूस निकाला गया। उनके साथ 200 से अधिक खिलाड़ी पैदल चल रहे थे। इन खिलाड़ियों ने दोनों पदक विजेता खिलाड़ियों पर फूल भी बरसाए। इन पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ ही पूर्व सांसद डीपी वत्स, हॉकी कोच आजाद सिंह मलिक, साई कोच राजेश मलिक, खेल विभाग की कोच रुचिका मलिक ने भी और बेहतर खेल के लिए प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान दोनों पदक विजेताओं अपने खेल जीवन में किए गए संघर्ष और मिली सफलता संबंधी अनुभव साझा किए।