अग्रसेन भवन में मंगलवार रात हरि नाम संकीर्तन आयोजित किया गया। इसके तीसरे और अंतिम दिन दिल्ली से आए भजन गायक राहुल चौधरी, सोनीपत से राजीव शास्त्री और मुंबई से अशोक अग्रवाल ने अपनी मधुर वाणी में भजनों की वर्षा की। वहां पहुंचे लोगों ने देर रात तक भजनों का आनंद लिया। संकीर्तन की शुरुआत हिसार के भजन गायक दिव्य दास ने हनुमान चालीसा से की। इसके बाद हरे कृष्णा हरे रामा और गोबिंद राधे गोपाल राधे की धुन से पंडाल गूंज उठा। मंच पर भजन गायकों द्वारा गाये भजनों में तू न संभाले तो हमें कौन संभाले..., वरदानी सुखों की खान है..., लुटा दिया भंडार राधा रानी ने..., क्या मांगू घनश्याम और मैं क्या मांगू..., नित आया करो हमारी गलियों में..., तेरी छम-छम बाज रही पायल बरसाने में..., हमारी आन है राधा, हमारी शान है राधा..., तूने इतना दिया बनवारी मैं मालामाल हो गया..., कर दो नजरें करम लाडली..., खो गया मेरा दिल महलों की मस्त बहारों में... आदि शामिल रहे।