अतिरिक्त अनाज मंडी में धान की खरीद न होने से नाराज किसानों ने शनिवार को मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शन किया। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ गेट पर डट गए और प्रशासन व मार्केट कमेटी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी प्राइवेट मिलर्स से मिले हुए हैं। किसानों ने बताया कि सरकार ने धान का रेट 2461 रुपये तय किया है, लेकिन मंडी में 1800 से 2100 रुपये में धान लूटा जा रहा है। किसान सतीश शर्मा ने कहा कि लेबर कमीशन पर खुली लूट हो रही है। धान 2000, 1850, 2100 और 1950 रुपये में काटा जा रहा है। सात दिन से कोई सुनवाई नहीं हो रही। दूसरे किसान ने बताया कि समस्या रेट और प्राइवेट खरीद की है। सबसे महंगी मशीनें 12 से 20 लाख में लेकर आए हैं, लेकिन अफसर कोई काम नहीं कर रहे। कमिश्नर से लेकर सचिव तक मिले हुए हैं। किसान राजेश कुमार गांव ने बताया कि उसका धान एक सप्ताह से मंडी में पड़ा है। उसके पास खुद का मॉइस्चर मीटर है, जिसमें नमी 12 से 17 प्रतिशत आ रही है। उसने वीडियो बनाकर ऑनलाइन अधिकारियों और सचिव को दिखा दी, लेकिन वेयरहाउस का मीटर खराब बताकर तोल नहीं की जा रही। वेयरहाउस खरीददार संजय हुड्डा ने रात साढ़े आठ बजे तक बायोमेट्रिक कराने के बाद भी पर्ची नहीं काटी और धमकाया कि चक्कर कटवाएंगे। किसानों की मांग है कि मंडी में पड़ा एक-एक दाना 2461 रुपये में खरीदा जाए। मॉइस्चर मीटर सही किए जाएं। उन्होंने कहा कि धान में नमी प्रशासन की लापरवाही से आई है। कभी मिक्सिंग तो कभी बारिश का पानी मिलने का बहाना बनाकर खरीद से मना किया जा रहा है।