सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। तीरागांव, बारानगर, रामामऊ और कोहना समेत कई गांवों की ओर पानी बढ़ने लगा है। वहीं, बिसरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। बढ़ई टोला मार्ग पर जलभराव होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, हर साल बाढ़ का पानी गांव में घुसने से सड़कें डूब जाती हैं और फसलें बर्बाद होती हैं। गांव में प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क ऊंची कराने, प्रकाश की व्यवस्था करने और गांव को बाढ़ से बचाने की मांग की है।