राप्ती घाट पर रविवार को गुंबद गिरने से दो लोगों की मौत की घटना के बाद सोमवार को लोगों में डर साफ दिखाई दिया। घाट पर बने सात गुंबदों के नीचे आम दिनों में लोग बैठकर समय बिताते थे, लेकिन हादसे के अगले दिन कोई भी व्यक्ति गुंबद के नीचे बने चबूतरे पर बैठा नजर नहीं आया। ज्यादातर लोग पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास ही समय बिताते दिखे। गुंबदों के नीचे बने अन्य चबूतरों पर भी ज्यादातर कुत्ते व अन्य जानवर ही बैठे नजर आए। रविवार की घटना के बाद सोमवार को देखा गया कि नगर निगम की ओर से घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इसमें वर्षा ऋतु और बाढ़ की संभावना को देखते हुए लोगों से गेट और गुंबद से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। बोर्ड पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। जिस गुंबद के गिरने से हादसा हुआ था, उसे पूरी तरह तोड़ दिया गया है। चबूतरे के बैठने वाले हिस्से को छोड़कर ऊपर का पूरा ढांचा और पिलर हटा दिया गया है। घाट पर बने अन्य चबूतरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों के मुताबिक ये चबूतरे तैयार अवस्था में लाकर सीमेंट व अन्य गोंद से जोड़े गए हैं। जिससे हादसों का खतरा मडरा रहा है।