बढ़ते प्रदूषण के बीच अब हवा को साफ करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आनंद विहार बस अड्डे पर मटियारी टेक्नोलॉजी नाम के स्टार्टअप की ओर से काई आधारित एयर प्यूरीफायर का डेमो प्रोटोटाइप लगाया गया है। फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है और कंपनी का कहना है कि शुरुआती नतीजे अच्छे आए हैं। इस मशीन में हवा साफ करने के साथ ऑक्सीजन बनाने का काम भी किया जाता है। मटियारी टेक्नोलॉजी के संस्थापक सिद्धांत कुमार निषाद ने बताया कि विकास के नाम पर लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे कार्बन डाईऑक्साइड बढ़ रही है और ऑक्सीजन कम हो रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी इमारतों के अंदर पेड़ लगाना संभव नहीं है। जिस तरह लोग घर और ऑफिस में इनडोर पौधे लगाते हैं ताकि अंदर की हवा साफ रहे, उसी सोच के साथ काई आधारित यह मशीन तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि मशीन में पानी के अंदर काई का मिश्रण रखा जाता है। रोशनी मिलने पर काई पेड़ों की तरह प्रकाश संश्लेषण करती है। कंपनी के मुताबिक इस प्रक्रिया में काई कार्बन डाईऑक्साइड को सोखती है और ऑक्सीजन छोड़ती है। साथ ही मशीन प्रदूषित हवा को फिल्टर करने का काम भी करती है। यानी एक ही मशीन हवा साफ करने और ऑक्सीजन बनाने, दोनों का काम करती है।