दिल्ली में अलग-अलग समुदाय के लोग रह हैं कुछ मराठी हैं तो कुछ बंगाली है और कुछ गुजराती हैं हर समुदाय के लोगों ने मूर्ति गाँव से उनके जो राज्य से मिट्टी लाकर ख़ासकर उनके लिए मूर्ति बनाने की मांग की है इसके लिए उन लोगों ने एक महीने पहले से ही गणेश मूर्ति की बुकिंग कर दी थी।