गुरुग्राम में सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गुरुग्राम में अब पेट्रोल पंप से लेकर निर्माण स्थलों तक निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) और निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरों से वाहनों की निगरानी की जाएगी। जिले में 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्रदूषण उत्सर्जन स्थलों पर वेब कैमरे और लो-कॉस्ट सेंसर लगाना अनिवार्य किया गया है ।जिले में ऐसे 1054 स्थलों की पहचान की गई है। इनमें से 907 पर वेब कैमरे और 534 स्थलों पर लो-कॉस्ट सेंसर लगाए जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्थलों पर एनवायरनमेंट कंपनसेशन लगाया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित इकाई या निर्माण कार्य को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सड़क धूल नियंत्रण के लिए 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। 31 हॉट स्पॉट को ठीक किया जा रहा है।