गुरुग्राम में ढाक बाजा काशोर बाजा, उलू दे आर शंख बाजा। बछोर पोरे आबार एलो मां जे, पुजो पुजो गंध...एलो एलो एलो एलो मां, दुर्गा मां. अरे एलो एलो एलो एलो मां दुर्गा मां। सेक्टर 15 पार्ट टू के सामुदायिक भवन में आयोजित पूर्वापल्ली दुर्गा बाड़ी पूजा एसोसिएशन के सदस्यों ने बंगाली गाने समेत राजस्थानी, गुजराती और पंजाबी लोक संगीत के साथ मां दुर्गा का स्वागत किया। पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के लिए लोग आने लगे हैं। गुरुग्राम, मानेसर और सोहना में करीब 50 जगहों पर दुर्गा पूजा की जा रही है मगर सेक्टर 15 पार्ट टू मे मां दुर्गा की सबसे ऊंची मूर्ति और बंगाली कला अल्पना आधारित पंडाल लगाया गया है। पंडाल में मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना के साथ मंच पर आगोमनी संगीत के साथ मां दुर्गा की वंदना की गई। इसमें दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के बीच बांग्ला गीतों को समुधुर संगीत के साथ पिरोया गया था। इस कार्यक्रम का संयोजन सुप्ती दत्ता ने किया। इसके बाद माता के पंडाल के सामने विभिन्न राज्यों के नृत्य के साथ मां का स्वागत किया गया,जिसमें सभी उम्र की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने हिस्सा लिया। ऐसा माना जाता है कि दुर्गा पूजा के समय मां दुर्गा अपने मायके आती है। मायके आई दुर्गा का जोशो खरोश के साथ स्वागत किया गया और जयकारे लगाए बोल दुर्गा माई की जोय। इस कार्यक्रम का संयोजन अंजली ग्रोवर ने किया। कार्यक्रम के अंत में सबने मिलकर डांडिया नृत्य किया। संगठन के महासचिव राजर्षि सेनगुप्ता ने बताया कि पंडाल में मंच पर रोजाना शाम 6.30 बजे से रात के 10 बजे तक कार्यक्रम होंगे। सुबह 10 बजे सामूहिक पुप्पांजलि होगी।