बल्लभगढ़ के गांव अटाली निवासी कर्मवीर की जिंदगी ने नशे की वजह से परिवार को बिखरते देखा तो उन्होंने खुद नशा छोड़कर दूसरों को इससे दूर करने का संकल्प लिया। वर्ष 1996 में उनके छोटे भाई रामवीर की नशे की हालत में जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। कर्मवीर बताते हैं कि वह खुद भी नशे के आदी थे, लेकिन करीब 25 साल पहले पूरी तरह नशा छोड़ दिया।