हरकेश नगर निवासी, हरिकिशन श्रीवास्तव ने बताया कि वह पिछले एक साल से अपने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से अपने भतीजे का नाम हटवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब पीपीपी बनवाया था तब वह अकेले रहते थे और अकेले व्यक्ति का पीपीपी नहीं बन रहा था। ऐसे में उन्होंने अपने भतीजे मनीष श्रीवास्तव का नाम अपने साथ जुड़वाकर पीपीपी बनवाया था।