कोरबा जिले के वन मंडल कटघोरा में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार की देर रात पसान रेंज के तेलियामार गांव में हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। गांव से लगे दीपक स्कूल (मिशन स्कूल) के छात्रावास परिसर में हाथियों के घुसने से 160 स्कूली बच्चों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, देर रात लगभग 52 हाथियों का झुंड गांव के करीब पहुंच गया। हाथियों ने स्कूल की बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया और हॉस्टल परिसर के अंदर घुस गए। हाथियों ने हॉस्टल के बगीचे को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। इस दौरान हाथियों की चिंघाड़ सुनकर हॉस्टल में रहने वाले करीब 160 बच्चे डरे सहमे रहे। पूरी रात बच्चे दहशत में रहे। वहीं गांव में भी हाथियों की आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और दहशत का माहौल बन गया।
इतना ही नहीं, हाथियों के झुंड ने गांव से लगे किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त किया और खेतों में लगी धान की तैयार फसल को रौंद दिया। फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।
बता दें कि वर्तमान में वन मंडल कटघोरा में 57 हाथी विचरण कर रहे हैं। पसान के बनिया और केंदई रेंज में झुंड से अलग हुए एक दंतैल हाथी से सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। वन विभाग की टीम ने निगरानी बढ़ा दी है। शाम होते ही हाथी अलग-अलग दिशाओं में चले जाते हैं और सुबह फिर एक जगह एकत्र हो जाते हैं।
पसान रेंज में 52 हाथी तौलियामार, खोहरी के जंगल में घूम रहे हैं। दंतैल अभी बनिया रेंज में है। जटगा रेंज में तीन हाथी घूम रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि झुंड में रहने पर हाथी आमतौर पर गांव किनारे नहीं जाते, लेकिन फसल पकने के कारण वे खेतों की ओर आ रहे हैं।
वन विभाग की माने तो आसपास के 10 गांवों में मुनादी करा दी गई है। धान की फसल तैयार होने से ग्रामीण खेतों में जा रहे हैं, इसलिए उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है। कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 1 दंतैल अभी कोटमेर में घूम रहा है।
शुक्रवार को इधर, धान की फसल को बचाने के लिए ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे हाथी एक जगह पर नहीं रुक रहे और लगातार गांवों की ओर बढ़ रहे हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में जुटी है।