श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के गुम होने के मामले में सीएम भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त को ढाल बनाकर एसजीपीसी मनमानी कर रही है। संगत और सिख जत्थेबंदियां जानना चाहती हैं कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गुम हुए स्वरूप कहां गए। इसके लिए सरकार ने सीआईटी गठित की है तो एसजीपीसी क्यों सहयोग नहीं कर रही है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने साल 2020 में एसजीपीसी द्वारा पारित कुछ प्रस्तावों का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रस्तावों में एसजीपीसी खुद कहती है कि स्वरूप गुम होने के मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी करवाई की जाए और अब नया प्रस्ताव पारित कर इसे रद्द कर दिया जाता है।