चंडीगढ़ में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा बिजली को प्राइवेट हाथों में देने के फैसले का विरोध किया और कहा कि इससे किसान और आम जनता दोनों प्रभावित होंगे। किसानों का कहना है कि 'चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी के रूप में बसाया गया था, लेकिन केंद्र इसे अपने कब्जे में लेना चाहती है। उन्होंने पीयू (पंजाब विश्वविद्यालय) सीनेट चुनाव की घोषणा जल्द करने की भी मांग की। साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गारंटी और कर्ज माफी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। किसान नेता बताते हैं कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो आगे बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।