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महिला ने लगाया हेडमास्टर पर यौन उत्पीड़न का आरोप

Bhadohi Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। विद्यालयों में शिक्षकों पर यौन शोषण का मामला थमने के नाम नहीं ले रहा है। अभी तक प्रधानाध्यापकों पर उसी विद्यालय की अध्यापिकाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था लेकिन अब एक तलाकशुदा महिला ने हेडमास्टर पर नौकरी दिलाने के नाम पर तीन साल से उसके साथ यौनशोषण की बात कही है। उसने जिलाधिकारी को पत्रक देकर कहा कि नौकरी के नाम पर उससे 25 हजार रुपये नकद और तीन साल यौन उत्पीड़न किया। जिलाधिकारी ने बीएसए को जांच कर सात मई तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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अकबरपुर खमरिया वार्ड 11 की रज्जो (परिवर्तित नाम) ने जिलाधिकारी को दिए पत्रक में कहा कि वह एक तलाकशुदा महिला है। सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत बृजकोस पाठ्यक्रम की वह विद्यालय में संचालिका रह चुकी है। एक दिन नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर ने उससे कहा कि उसके विद्यालय में शिक्षा मित्र का पद खाली पड़ा है। वह उसकी नियुक्ति बीएसए से कहकर करा देगा। इसके लिए अधिकारी को 50 हजार रुपया भी देना पड़ेगा। उसने कहा कि 25 हजार रुपये उसके पास हैं, हेडमास्टर ने उससे पैसा ले लिया। कुछ दिन बाद उससे और रुपये की मांग की गई। वह रुपये देने में असमर्थ थी। हेडमास्टर ने उससे बातों ही बातों में अश्लील बात करने लगे और बाद उसके अश्लील हरकतें करने लगे और तीन साल तक वादा करके उसके साथ हेडमास्टर यौन शोषण करते रहे। कहा कि जब भी शिक्षा मित्र का विज्ञापन आएगा उसका शिक्षा मित्र पद पर पहला चयन होगा। काफी दिन बीतने के बाद वह परेशान हो गई तो उसने नौकरी की लालच छोड़कर अपने पैसे की मांग की। उस पर हैडमास्टर ने पैसा अधिकारी के यहां है, कहकर मामला टाल दिया। हेडमास्टर ने उसे बदनाम करने की धमकी भी दी। कुछ दिन बाद उसे रसोईया का मानदेय दिया जाने लगा लेकिन अश्लील हरकतें तब भी होती रहीं। उसने डीएम से हेडमास्टर से पैसा वापस दिलाने और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। डीएम को दिए पत्र में उसने चेतावनी दी है कि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा और सात मई तक आख्या मांगी है।
इस बारे में बीएसए आरएस द्विवेदी नेे कहा कि पीडि़ता के प्रार्थना पत्र पर जांच चल रही है। उन्होंने कहा प्रार्थना पत्र ही फर्जी जान पड़ रहा है। उन्होंने पीडि़ता का बयान दर्ज किया है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट डीएम को भेज देंगे।
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