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यूनिफार्म घोटाला: आरोपों के जाल में फर्म स्वामी भी!

Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
Badaun
Badaun Updated Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
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बदायूं। सालारपुर ब्लॉक में धोखाधड़ी करके यूनिफार्म सप्लाई करने वाली फर्म के स्वामी के लाखों रुपये हड़पने के आरोप में घिरे एबीआरसी, एनपीआरसी के खिलाफ चली जांच में एक और नई बात सामने आई है। विभागीय लोगों की माने तो इसमें आरोप लगाने वाले फर्म स्वामी भी आरोपों के जाल में घिरते नजर आ रहे हैं। कहना है कि जांच आख्या में कुछ प्रधानाध्यापक और फर्म स्वामी शामिल हैं।
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गौरतलब है कि एसएम इंटरप्राइजेज के संतोष कुमार की ओर से की गई शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने सालारपुर ब्लॉक के स्कूलों में ऑर्डर लेने के बाद उन्होंने यूनिफार्म की सप्लाई की थी। इसका पेमेंट प्रधानाध्यापक द्वारा शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रबंध समिति के खाते से एकाउंट में किया जाना था। लेकिन भुगतान नहीं किया गया। फर्म स्वामी का आरोप था कि उसने जिन स्कूलों में यूनिफार्म सप्लाई की थी उन स्कूलों के साथ मिलकर एबीआरसी और एनपीआरसी ने करीब 35 लाख रुपये निकाल लिए। जबकि यह रुपया फर्म स्वामी को दिया जाना था। इसके अलावा फर्म स्वामी ने बियरर चेक से रुपये निकालने और कमीशन का भी आरोप लगाया था। 13 जनवरी को फर्म स्वामी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस पर जांच के आदेश दे दिए गए। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने इसका जांच अधिकारी बीईओ जगत/नगर शिक्षा अधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा को बनाया। करीब डेढ़ से दो महीने चली जांच बनाकर बीईओ ने बीएसए को सौंप दी। करीब सौ से अधिक पन्नों की जांच रिपोर्ट की आख्या तैयार करवाई गई तो कई और बातें सामने आईं। विभागीय लोगों की माने तो यूनिफार्म घोटाले में एबीआरसी, एनपीआरसी के अलावा प्रधानाध्यापक और आरोप लगाने वाले फर्म स्वामी भी शामिल हैं। इसलिए कई पर गाज गिरने की आशंका है। लंबे समय से चल रही जांच की रिपोर्ट डीएम ने भी तलब की है। जांच अधिकारी रहे बीईओ सोमनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि फर्म स्वामी के पते पर पत्र व्यवहार कर जानकारी मांगने की कोशिश की तो पता चला कि वहां कोई नहीं रहता है। बताया कि जब इसे दिखवाया गया तो पता चला कि यहां कोई फर्म संचालित नहीं होती है। विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि जांच के दौरान रजिस्ट्री के माध्यम से फर्म स्वामी द्वारा जानकारी मिली कि उसका पेमेंट हो चुका है।
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