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जल्द ही बदली नजर आएगी कोतवाली की तस्वीर
Badaun
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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प्रताप यादव
उझानी(बदायूं)। बरसात में टपकते और गर्मियों में बालू झड़ते कमरों से पुलिस कर्मियों को अब जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। इसके लिए पुलिस महकमा ने जिले की एक कोतवाली समेत चार थानों को चिन्हित किया है। उझानी कोतवाली के कायाकल्प पर चार करोड़ 50 लाख खर्च होंगे।
अंग्रेजों के जमाने की करीब 99 साल पुरानी कोतवाली में हालांकि आवासीय कैंपस हैं, लेकिन उसकी स्थिति बेहद दयनीय है। बरसात के दिनों में छतों का टपकना और गर्मियों में तेज हवा के साथ प्लास्टर का बालू भी छूटकर पुलिस कर्मियों को कई साल से किरकिरा करता रहा है। इस बीच कोतवाली कैंपस की मरम्मत भी होती रही है। पुलिस कर्मियों को परेशानी और फोर्स की बढ़ती संख्या के हिसाब से आवास कम हैं। थानेदारों को भी सिपाहियों की श्रेणी के आवासों में वक्त गुजारना पड़ता रहा है।
पहले चरण में मूसाझाग और कादरचौक समेत तीन थानों और उझानी कोतवाली का कायाकल्प होगा। कोतवाली में थानेदारों और हेड मोहर्रिर के लिए छह-छह आवास जो थ्रीसेट वाले होंगे। सिपाहियों के लिए दो दर्जन आवास बनेंगे। साथ ही आवासों को स्टेशन रोड से पुरानी अनाज मंडी रोड से जोड़ा जाएगा। सड़क भी सीमेंट की बनेगी। महकमा ने निर्माण कार्य का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों की टीम दो दिन पहले यहां आकर भूमि चिन्हित की और प्रस्तावित आवासों के लिए निशान भी लगाए।
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स्वर्ण जयंती होगी अगले साल
उझानी कोतवाली का मुख्य कार्यालय वर्ष 1913 में अस्तित्व में आया। हालांकि आवास और गेट आदि बाद में भी बने लेकिन अगले साल कोतवाली कैंपस अपने सौ वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती वर्ष में शामिल हो जाएगा। उम्मीद है कि उस दौरान समारोह भी आयोजित किया जाए।
महकमा ने पुलिस कर्मियों को सुविधा मुहैया के लिए प्रस्ताव को मंजूर किया है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। थानेदारों और सिपाहियों के आवास पुलिस कर्मियों की सुविधा के अनुरूप प्रस्तावित है। सभी आवासों में बरामदे भी होंगे।
-एके सिंह, प्रभारी निरीक्षक
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उझानी(बदायूं)। बरसात में टपकते और गर्मियों में बालू झड़ते कमरों से पुलिस कर्मियों को अब जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। इसके लिए पुलिस महकमा ने जिले की एक कोतवाली समेत चार थानों को चिन्हित किया है। उझानी कोतवाली के कायाकल्प पर चार करोड़ 50 लाख खर्च होंगे।
अंग्रेजों के जमाने की करीब 99 साल पुरानी कोतवाली में हालांकि आवासीय कैंपस हैं, लेकिन उसकी स्थिति बेहद दयनीय है। बरसात के दिनों में छतों का टपकना और गर्मियों में तेज हवा के साथ प्लास्टर का बालू भी छूटकर पुलिस कर्मियों को कई साल से किरकिरा करता रहा है। इस बीच कोतवाली कैंपस की मरम्मत भी होती रही है। पुलिस कर्मियों को परेशानी और फोर्स की बढ़ती संख्या के हिसाब से आवास कम हैं। थानेदारों को भी सिपाहियों की श्रेणी के आवासों में वक्त गुजारना पड़ता रहा है।
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पहले चरण में मूसाझाग और कादरचौक समेत तीन थानों और उझानी कोतवाली का कायाकल्प होगा। कोतवाली में थानेदारों और हेड मोहर्रिर के लिए छह-छह आवास जो थ्रीसेट वाले होंगे। सिपाहियों के लिए दो दर्जन आवास बनेंगे। साथ ही आवासों को स्टेशन रोड से पुरानी अनाज मंडी रोड से जोड़ा जाएगा। सड़क भी सीमेंट की बनेगी। महकमा ने निर्माण कार्य का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों की टीम दो दिन पहले यहां आकर भूमि चिन्हित की और प्रस्तावित आवासों के लिए निशान भी लगाए।
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स्वर्ण जयंती होगी अगले साल
उझानी कोतवाली का मुख्य कार्यालय वर्ष 1913 में अस्तित्व में आया। हालांकि आवास और गेट आदि बाद में भी बने लेकिन अगले साल कोतवाली कैंपस अपने सौ वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती वर्ष में शामिल हो जाएगा। उम्मीद है कि उस दौरान समारोह भी आयोजित किया जाए।
महकमा ने पुलिस कर्मियों को सुविधा मुहैया के लिए प्रस्ताव को मंजूर किया है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। थानेदारों और सिपाहियों के आवास पुलिस कर्मियों की सुविधा के अनुरूप प्रस्तावित है। सभी आवासों में बरामदे भी होंगे।
-एके सिंह, प्रभारी निरीक्षक