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West Asia Unrest: इस्राइली लड़ाकू विमानों का यमन पर हमला, हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर साधा निशाना
Sun, 21 Jul 2024 05:48 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क,
वर्ल्ड डेस्क,
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 21 Jul 2024 05:48 AM IST
सार
पश्चिम एशियाई देशों के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में इस्राइली सेना की तरफ से हवाई हमले किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइली लड़ाकू विमानों ने हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
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यमन में इस्राइली सेना का हमला (प्रतीकात्मक)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
इस्राइली लड़ाकू विमानों ने यमन पर हमला किया है। इस्राइली सेना (IDF) की तरफ से जारी बयान के मुताबिक हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर निशाना साधकर हमला किया गया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार हूती नियंत्रित टीवी स्टेशन ने यमन के होदेइदाह में तीव्र हवाई हमलों की खबर दी। इस रिपोर्ट के मुताबिक हमले इस्राइली हैं। इस्राइली सेना ने भी कहा है कि उसने इस्राइली क्षेत्र में हमलों के जवाब में यमन में हूती विद्रोहियों के "सैन्य ठिकानों" पर हमला किया है।शनिवार को इस्राइली रक्षा बलों ने बताया कि हाल के महीनों में इज़राइल के खिलाफ़ किए गए सैकड़ों हमलों के जवाब में IDF के लड़ाकू विमानों ने निशाना साधा। पश्चिमी बंदरगाह होदेइदाह में तेल सुविधाओं को निशाना बनाकर हवाई हमले की खबरें आने के बाद आई सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में कई लोग हताहत हुए हैं।
हूती प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने कहा कि इस्राइली सेना की कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों वाले इलाकों में भी हमले किए गए। तेल टैंकों और एक बिजली स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि हमले का मकसद यमन के लोगों की पीड़ा को और बढ़ाना है। साथ ही इस्राइल यमन पर गाजा का समर्थन न करने के लिए दबाव डालना चाहता है।
गौरतलब है कि इस्राइली हमले से एक दिन पहले हूती ने तेल अवीव में ड्रोन हमले किए थे। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कम से कम 10 अन्य लोग घायल हुए थे। हूती के मुताबिक तेल अवीव में ड्रोन हमला गाजा में इस्राइली सेना की कार्रवाई के जवाब में किया गया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार हूती प्रवक्ता ने कहा, ऑपरेशन में एक ड्रोन का उपयोग किया गया, जिसके कारण दुश्मन के अवरोधन प्रणालियों को चकमा देने में कामयाबी मिली।
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इस संबंध में इस्राइली अधिकारियों ने कहा, एक नागरिक की मौत के कारण IDF ने जवाब देने का फैसला किया। इजराइली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि इस्राइली नागरिकों के खून बहुत कीमती हैं। अगर इस्राइल पर हमला किया जाता है, तो इसके नतीजे लेबनान और गाजा में हुए हमले जैसे ही होंगे । गैलेंट ने कहा, होदेइदाह के हिंसक संघर्ष का असर पूरे मध्य पूर्व में देखा जा रहा है। इसका महत्व स्पष्ट है। यमन की तरफ से पह पहली बार इस्राइली नागरिक को नुकसान पहुंचाया गया, इसलिए हमने उन पर जवाबी हमला किया। जरूरत पड़ने पर IDF किसी भी स्थान पर ऐसी कार्रवाई कर सकती है।
बता दें कि अक्तूबर, 2023 में गाजा में इस्राइल और हमास के बीच युद्ध शुरू हुआ था। नौ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी विद्रोही नियमित रूप से ड्रोन और मिसाइलों से इस्राइल को निशाना बनाते रहे हैं। आईडीएफ ने यमन समर्थित हूती विद्रोहियों के अधिकांश ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया है। इसके बावजूद हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में अमेरिकी ठिकानों और वाणिज्यिक जहाजों पर भी हमला किया है । इनके जवाब में, अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती के ठिकानों पर हमले किए। हालांकि, अब पहली बार इस्राइल ने यमन पर हमला किया है।
यमन पर पहली सैन्य कार्रवाई के संबंध CNN की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष इस्राइली रक्षा अधिकारी ने कहा, शनिवार की कार्रवाई 100 प्रतिशत इस्राइल ने हमला था। पहले अमेरिका और यूके को हूती पर हमले का जिम्मा दिया गया था। इस संबंध में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति बाइडन को मध्य पूर्व के इस घटनाक्रम के बारे पूरी में जानकारी दी गई है। व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा, अमेरिका ने हवाई हमलों पर इस्रायल के साथ समन्वय नहीं किया, लेकिन अमेरिका 'इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार' को पूरी तरह से मान्यता देता है।
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हूती प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने कहा कि इस्राइली सेना की कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों वाले इलाकों में भी हमले किए गए। तेल टैंकों और एक बिजली स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि हमले का मकसद यमन के लोगों की पीड़ा को और बढ़ाना है। साथ ही इस्राइल यमन पर गाजा का समर्थन न करने के लिए दबाव डालना चाहता है।
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गौरतलब है कि इस्राइली हमले से एक दिन पहले हूती ने तेल अवीव में ड्रोन हमले किए थे। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कम से कम 10 अन्य लोग घायल हुए थे। हूती के मुताबिक तेल अवीव में ड्रोन हमला गाजा में इस्राइली सेना की कार्रवाई के जवाब में किया गया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार हूती प्रवक्ता ने कहा, ऑपरेशन में एक ड्रोन का उपयोग किया गया, जिसके कारण दुश्मन के अवरोधन प्रणालियों को चकमा देने में कामयाबी मिली।
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इस संबंध में इस्राइली अधिकारियों ने कहा, एक नागरिक की मौत के कारण IDF ने जवाब देने का फैसला किया। इजराइली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि इस्राइली नागरिकों के खून बहुत कीमती हैं। अगर इस्राइल पर हमला किया जाता है, तो इसके नतीजे लेबनान और गाजा में हुए हमले जैसे ही होंगे । गैलेंट ने कहा, होदेइदाह के हिंसक संघर्ष का असर पूरे मध्य पूर्व में देखा जा रहा है। इसका महत्व स्पष्ट है। यमन की तरफ से पह पहली बार इस्राइली नागरिक को नुकसान पहुंचाया गया, इसलिए हमने उन पर जवाबी हमला किया। जरूरत पड़ने पर IDF किसी भी स्थान पर ऐसी कार्रवाई कर सकती है।
बता दें कि अक्तूबर, 2023 में गाजा में इस्राइल और हमास के बीच युद्ध शुरू हुआ था। नौ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी विद्रोही नियमित रूप से ड्रोन और मिसाइलों से इस्राइल को निशाना बनाते रहे हैं। आईडीएफ ने यमन समर्थित हूती विद्रोहियों के अधिकांश ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया है। इसके बावजूद हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में अमेरिकी ठिकानों और वाणिज्यिक जहाजों पर भी हमला किया है । इनके जवाब में, अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती के ठिकानों पर हमले किए। हालांकि, अब पहली बार इस्राइल ने यमन पर हमला किया है।
यमन पर पहली सैन्य कार्रवाई के संबंध CNN की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष इस्राइली रक्षा अधिकारी ने कहा, शनिवार की कार्रवाई 100 प्रतिशत इस्राइल ने हमला था। पहले अमेरिका और यूके को हूती पर हमले का जिम्मा दिया गया था। इस संबंध में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति बाइडन को मध्य पूर्व के इस घटनाक्रम के बारे पूरी में जानकारी दी गई है। व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा, अमेरिका ने हवाई हमलों पर इस्रायल के साथ समन्वय नहीं किया, लेकिन अमेरिका 'इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार' को पूरी तरह से मान्यता देता है।