अमेरिका को समझ आ रहा: बच्चों की परवरिश माता-पिता ही बेहतर करेंगे, डे-केयर से दूरी बनाने के लिए बनी खास योजना
अमेरिका में इस बात को समझा गया है कि बच्चों की परवरिश माता-पिता ही बेहतर कर सकते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए डे-केयर से दूरी बनाने पर सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार नौकरी छोड़ घर रहने वाले को पैसा देगी।
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अमेरिकी सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसमें छोटे बच्चों को पालने के लिए नौकरी छोड़कर घर पर रहने वाले माता-पिता में से किसी एक अभिभावक को वित्तीय मदद दी जाएगी। दरअसल, अमेरिका अब पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों की ओर लौट रहा है जिसमें माना जाता है कि छोटे बच्चों की देखभाल डे-केयर के बजाय माता-पिता की निगरानी में होनी चाहिए।
क्या घर रहने वाले को पैसा देगी सरकार?
ट्रंप प्रशासन ने इस संबंध में बाकायदा योजना का मसौदा भी तैयार कर लिया है। यह योजना मुख्यत: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पहल का नतीजा है, जो लंबे समय से इसकी वकालत करते रहे हैं कि छोटे बच्चों को डे-केयर के मुकाबले घरेलू माहौल मिलना चाहिए, जो उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। मसौदे के मुताबिक, प्रस्तावित योजना का लाभ केवल उन विवाहित जोड़ों पर लागू होगा जिनमें एक जीवनसाथी काम करता है और दूसरा घर पर बच्चों की देखभाल करता है। अविवाहित जोड़े या एकल अभिभावक इसके दायरे से बाहर रहेंगे। योजना को लागू करने के लिए चाइल्ड केयर एंड डेवलपमेंट फंड (सीसीडीएफ) के पैसे का उपयोग किया जाएगा।
योजना को मिल रहा भरपूर समर्थन
रूढ़िवादी विचारकों और हेरिटेज फाउंडेशन जैसे संगठनों ने इस कदम का समर्थन किया है। उनका मानना है कि यह नियम व्यावसायिक डे-केयर और घर पर बच्चों की परवरिश करने वाले माता-पिता के बीच भेदभाव को खत्म करेगा। व्हाइट हाउस और उपराष्ट्रपति कार्यालय की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन नियम को अंतिम रूप दिए जाने से पहले इसे जनता की प्रतिक्रिया के लिए ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
अभी औसत से कम आय वालों को मिलती है चाइल्ड केयर सब्सिडी
चाइल्ड केयर सब्सिडी फंड से उन कामकाजी माता-पिता या पढ़ाई/ट्रेनिंग कर रहे अभिभावकों को सब्सिडी मिलती है, जिनकी पारिवारिक आय उनके राज्य की औसत आय के 85% से कम हो।
- यह मदद 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मिलती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सीसीएस फंड से मदद पाने वाले परिवारों में करीब 80% परिवार एकल कामकाजी माता-पिता हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या अकेली मांओं की है।
- 1990 के दशक में बनाए कार्यक्रम के तहत सीसीएस फंड से प्रति बच्चा हर साल लगभग 9,000 डॉलर (लगभग 7.5 लाख रुपये) तक की मदद मिलती है।
इसी साल लागू हो सकती है नई योजना
ट्रंप प्रशासन को इस बदलाव के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी और इसे अगले वर्ष तक लागू किया सकता है। प्रस्तावित बदलाव पर बाल देखभाल विशेषज्ञों और आलोचकों का कहना है कि यदि पैसा बढ़ाए बिना नए दायरे में घर पर रहने वाले माता-पिता को भी शामिल किया गया तो मुश्किल हो जाएगी क्योंकि फंड पहले से ही सीमित है।