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World: नेपाल में ट्रेकिंग के दौरान बिगड़ी भारतीय राजदूत की तबीयत; 'हर खतरे से निपटने के लिए तैयार', बोले मुनीर

Sat, 13 Dec 2025 10:14 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 13 Dec 2025 10:14 PM IST
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World Updates: World News in hindi Asia Pakistan china europe us uk west asia politics, global News in hindi
दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नेपाल में ट्रेकिंग के दौरान भारतीय राजदूत बीमार पड़ गए। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के ललितपुर जिले में ट्रेकिंग के दौरान शनिवार को भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव बीमार पड़ गए और उन्हें इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया। नेपाल सेना के सूत्रों के अनुसार, काठमांडू के उत्तर में स्थित जिले में चंपादेवी पहाड़ी पर ट्रेकिंग के दौरान श्रीवास्तव को अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हुईं।
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नेपाल सेना मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "ट्रेकिंग के दौरान राजदूत अचानक बीमार पड़ गए, और उन्हें नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर से काठमांडू ले जाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।" उन्हें काठमांडू के बाहरी इलाके में ग्रांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि राजदूत को ऊंचाई से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन उनकी हालत सामान्य हो गई है।
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'बाहरी और अंदरूनी' खतरों से निपटने के लिए तैयार: पाकिस्तान CDF मुनीर
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शनिवार को कहा कि उनकी सेनाएं बाहरी और अंतरराष्ट्रीय तत्वों से होने वाले खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं। सेना के एक बयान के अनुसार, मुनीर ने गुजरांवाला और सियालकोट गैरीसन का दौरा किया, जहां उन्हें फॉर्मेशन की ऑपरेशनल तैयारी और युद्ध की तैयारी को मजबूत करने के लिए मुख्य पहलों के बारे में जानकारी दी गई।
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उन्होंने कहा, "पाकिस्तान सेना अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें दुश्मन के हाइब्रिड अभियान, चरमपंथी विचारधाराएं और राष्ट्रीय स्थिरता को कमजोर करने वाले फूट डालने वाले तत्व शामिल हैं।"

थाईलैंड और कंबोडिया ने फिर से युद्धविराम पर सहमति जताई- ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं ने दोबारा युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हुई हिंसक झड़पों से पहले से चले आ रहे संघर्ष विराम पर खतरा मंडरा रहा था।

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट से बातचीत के बाद यह घोषणा की। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने तत्काल गोलीबारी रोकने और पुराने शांति समझौते पर लौटने का फैसला किया है। यह युद्धविराम पहले जुलाई में मलेशिया की मध्यस्थता से हुआ था, जिसे अमेरिका का समर्थन मिला था। अक्टूबर में इसे औपचारिक रूप दिया गया। हालांकि समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सीमावर्ती इलाकों में हल्की झड़पें जारी रहीं। अब नए फैसले से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है।

खालिदा जिया के बेटे तारीक रहमान 25 दिसंबर को लौटेंगे स्वदेश
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया के बेटे तारीक रहमान 25 दिसंबर को स्वदेश लौटेंगे। बीएनपी ने यह जानकारी उस समय दी है, जब 80 वर्षीय खालिदा जिया की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बताया कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान की वापसी का सभी स्वागत कर रहे हैं। रहमान पिछले 17 वर्षों से लंदन में आत्मनिर्वासन में रह रहे थे और 2008 के बाद से देश नहीं लौट पाए थे। खालिदा जिया नवंबर से ढाका के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब चुनाव आयोग ने 12 फरवरी को आम चुनाव कराने की घोषणा की है। बदले राजनीतिक माहौल में बीएनपी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

ईरान: नोबेल विजेता नरगिस गिरफ्तार
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को ईरान ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके समर्थकों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उनके नाम पर बने एक फाउंडेशन ने कहा, मोहम्मदी को हाल ही में मृत पाए गए एक मानवाधिकार वकील के मेमोरियल से हिरासत में लिया था। इस गिरफ्तारी पर ईरान की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में चिकित्सा कारणों के चलते तीन सप्ताह के पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन पश्चिमी शक्तियों और कार्यकर्ताओं के दबाव के कारण उनकी जेल से बाहर की अवधि बढ़ गई थी। पैरोल के दौरान भी मोहम्मदी ने तेहरान की एविन जेल के बाहर अपना सक्रिय आंदोलन जारी रखा था।

वहीं नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2023 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और प्रमुख ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और ईरानी अधिकारियों से उनके ठिकाने का पता लगाने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें तुरंत रिहा करने का आह्वान किया।

बच्चों पर सोशल मीडिया पाबंदी को दी चुनौती
वैश्विक ऑनलाइन मंच (रेडिट) ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के उस कानून के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की, जो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लोकप्रिय सोशल मीडिया मंचों पर अकाउंट बनाने से रोकता है।

भारतीय महिलाओं के लिए मदद करेगा केंद्र
देश में स्थित भारतीय उच्चायोग ने विदेशों में संकटग्रस्त भारतीय महिलाओं की मदद के लिए सरकार की योजना के तहत एक वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया है। यह पहल भारतीय सरकार की सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत की गई है, जो विदेशों में महिला-केंद्रित कल्याण पहलों के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है। उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने कहा, इसमें संकटग्रस्त भारतीय महिलाओं की मदद की जाएगी।

अमेरिकी अदालत ने एपल को ठहराया अवमानना का दोषी
अमेरिका के नौवें सर्किट की संघीय अपील कोर्ट ने एपल के आईफोन एप स्टोर को अन्य भुगतान प्रणालियों के लिए खोलने के आदेश तोड़ने के लिए अवमानना का दोषी ठहराने का समर्थन किया है। हालांकि कोर्ट ने कंपनी के लिए प्रतिद्वंद्वी विकल्पों से कमीशन वसूलने का रास्ता भी खोल दिया है।

कोर्ट के तीन जजों ने सर्वसम्मत फैसले में वीडियो गेम निर्माता एपिक गेम्स कानूनी लड़ाई पर फैसला दिया। जजों ने अप्रैल में अमेरिकी जिला जज यवोन गोंजालेज रोजर्स के अवमानना आदेश को काफी हद तक वैध ठहराया। लेकिन सर्किट के 54-पृष्ठ के फैसले ने रोजर्स की अवमानना कार्रवाई का एक हिस्सा पलट दिया, जिसमें एपल को  भुगतान प्रणालियों के जरिये आईफोन एप में ई-कॉमर्स खरीदारी करने वाले यूजरों से कमीशन लेने से प्रतिबंधित किया गया था। एपिक ने सितंबर 2021 के निष्कर्षों के एक हिस्से का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।

पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में जनवरी में विधानसभा चुनाव
पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में विधानसभा चुनाव 24 जनवरी 2026 को होंगे। यह घोषणा पाकिस्तान सरकार की ओर से शुक्रवार को की गई। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद 24 नवंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाजी गुलबर खान की सरकार भी समाप्त हो गई। इसके बाद सेवानिवृत्त न्यायाधीश यार मोहम्मद नसीर को कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है।

इस क्षेत्र में पिछला विधानसभा चुनाव नवंबर 2020 में हुआ था। तब कुल 24 सीटों पर मतदान हुआ था और इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार बनाई थी। हालांकि बाद में राजनीतिक उठा-पटक के चलते सत्ता परिवर्तन हुआ। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन क्षेत्रों पर पाकिस्तान का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और वहां कराए जाने वाले चुनावों का कोई महत्व नहीं है।

अमेरिका ने रवांडा पर लगाए गंभीर आरोप, कांगो में बढ़ी हिंसा
अमेरिका ने रवांडा पर पूर्वी कांगो में शांति समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अमेरिका का कहना है कि रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही समूह ने एक बार फिर हिंसक अभियान शुरू कर दिया है। इस हिंसा में अब तक 400 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि रवांडा की भूमिका से पूरा क्षेत्र अस्थिरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एम23 विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो के अहम शहर उवीरा पर कब्जा कर लिया है। यह शहर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और इसके गिरने से हालात और बिगड़ गए हैं। हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। रवांडा ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन उसने यह स्वीकार किया है कि उसकी सेना सुरक्षा कारणों से कांगो में मौजूद है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पूर्वी कांगो में कई सशस्त्र गुट सक्रिय हैं, जिससे यह क्षेत्र लंबे समय से गंभीर मानवीय संकट झेल रहा है।

दक्षिण सूडान में उपराष्ट्रपति पर मुकदमा, शांति समझौता खतरे में
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दक्षिण सूडान के निलंबित उपराष्ट्रपति रीक मचार पर चल रहा देशद्रोह का मुकदमा 2018 के शांति समझौते को कमजोर कर रहा है। उनका कहना है कि इससे देश में फिर से बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।

दक्षिण सूडान में 2013 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था, जिसमें लाखों लोग मारे गए। 2018 में हुए शांति समझौते के बाद हालात सुधरने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब फिर तनाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति सल्वा कीर और रीक मचार के समर्थक कई इलाकों में आमने-सामने हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सेना की हालत कमजोर है और वह हवाई बमबारी का सहारा ले रही है, जिससे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। देश में भुखमरी की स्थिति भी गंभीर है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 57 प्रतिशत आबादी खाद्य संकट का सामना कर रही है। अफ्रीकी संघ और अन्य क्षेत्रीय संगठनों ने मचार की रिहाई और शांति समझौते को पूरी तरह लागू करने की मांग की है।

लीबिया में यूएन-प्रतिबंधित मानव तस्कर मारा गया
लीबिया में सुरक्षा बलों ने एक बड़े मानव तस्कर अहमद उमर अल-दब्बाशी को मार गिराया है। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित था और भूमध्य सागर के रास्ते अवैध रूप से प्रवासियों को यूरोप भेजने का काम करता था। अल-दब्बाशी पश्चिमी लीबिया के सबराथा शहर में एक शक्तिशाली मिलिशिया का सरगना था। सुरक्षा बलों ने उसके ठिकाने पर छापा मारा, जिसमें वह मारा गया। इस कार्रवाई में उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अल-दब्बाशी का गिरोह प्रवासियों को अमानवीय हालात में रखता था और उनकी जान को गंभीर खतरे में डालता था। बच्चों समेत कई लोगों की समुद्र में जान चली गई थी।लीबिया लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता का शिकार है। 2011 में तानाशाह गद्दाफी की मौत के बाद से देश अलग-अलग गुटों में बंटा हुआ है। इसी अराजकता का फायदा उठाकर मानव तस्कर सक्रिय हो गए थे।

एपस्टीन मामले में क्लिंटन दंपती पर कांग्रेस की सख्ती
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन को कांग्रेस की अवमानना की चेतावनी दी है। यह चेतावनी जेफरी एपस्टीन मामले की जांच के दौरान दी गई है। हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कोमर का कहना है कि क्लिंटन दंपती ने कई महीनों से समिति के सामने पेश होने में टालमटोल की है। अगर वे बयान देने नहीं आए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

जेफरी एपस्टीन एक अमीर कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप थे। उसके कई प्रभावशाली लोगों से संबंध सामने आए थे, जिनमें बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के नाम भी जुड़े। हालांकि, बिल क्लिंटन पर किसी पीड़िता ने सीधे आरोप नहीं लगाए हैं। उन्होंने पहले ही कहा है कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी। यह मामला अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर रहा है।
 

भारत द्वारा मछुआरों के परिवारों ने लगाई रिहाई की गुहार
भारत की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस हफ्ते गिरफ्तार किए गए 11 पाकिस्तानी मछुआरों के परिवारों ने उनकी रिहाई की गुहार लगाई की है। इन मछुआरों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। परिवारों ने कहा कि वे केवल गरीब मछुआरे हैं।

मछुआरों के परिजनों ने पाकिस्तान सरकार से कूटनीतिक माध्यमों से उनकी रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की है। गिरफ्तार मछुआरों में से एक गुलाम मुस्तफा के पिता अहमद ब्रोही ने बताया कि सभी मछुआरे पश्चिमी कराची के मछली पकड़ने वाले गांव इब्राहिम हैदरी में आस-पास रहते हैं। उन्होंने शनिवार को कहा, हम सभी गरीब लोग हैं और मछली पकड़कर ही अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। मैं सरकार से अपील करता हूं कि कुछ करे, क्योंकि हम पहले भी बहुत कष्ट झेल चुके हैं। 

अहमद के अनुसार, चार साल पहले तीन मछुआरों को सर क्रीक के पास गैरकानूनी रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वे अब भी भारतीय जेलों में बंद हैं। भारतीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय तटरक्षक बल ने बुधवार को जखाऊ के पास भारतीय जलक्षेत्र में एक नाव पाए जाने के बाद 11 पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा। हालांकि, सिंध मत्स्य विभाग की अध्यक्ष फातिमा मजीद ने कहा कि मछुआरे शायद कजार क्रीक के पास गलती से भारतीय समुद्री सीमा में चले गए हों। उन्होंने कहा कि अरब सागर में दोनों देशों के बीच सीमांकन स्पष्ट नहीं है, इसलिए अधिकतर गिरफ्तारियां कजार क्रीक या सर क्रीक के पास होती हैं, जो भारतीय राज्य गुजरात के करीब हैं। फातिमा ने कहा कि दोनों देशों के गरीब मछुआरों के लिए समुद्र में कोई स्पष्ट सीमा नहीं होती और उन्हें अपनी आजीविका कमानी होती है।

अमेरिका: ट्रंप प्रशासन की परियोजना के खिलाफ संगठनों ने दर्ज किया मुकदमा
देश की ऐतिहासिक विरासत को बचाने की मुहिम में जुटे संगठनों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने एक संघीय अदालत से मांग की है कि व्हाइट हाउस में बनने वाले विशाल गेट की परियोजना को तब तक रोका जाए, जब तक उसकी स्वतंत्र रूप से समीक्षा पूरी न हो जाए और उसे कांग्रेस (संसद) से मंजूरी न मिल जाए। 
 
निजी फंड से चलने वाले संगठन नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने अमेरिकी जिला अदालत से ट्रंप के व्हाइट हाउस हॉल के विस्तार को रोकने की मांग की है। इस परियोजना में पहले ही ईस्ट विंग को गिराया जा चुका है। संगठन का कहना है कि काम तब तक रोका जाए, जब तक व्यापक डिजाइन समीक्षा, पर्यावरणीय आकलन, जनता की राय और कांग्रेस में बहस व अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी न हो जाए।

रूस की यूरोप में मौजूद अरबों यूरो की संपत्तियां फ्रीज

यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूस की यूरोप में मौजूद अरबों यूरो की संपत्तियों को अनिश्चितकाल के लिए फ्रीज कर दिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देश, जिनकी सरकारें रूस के प्रति नरम रुख रखती हैं, यूक्रेन की मदद में बाधा न डाल सकें।

ईयू ने यह फैसला आर्थिक आपातकाल की एक विशेष प्रक्रिया के तहत लिया। इन संपत्तियों को तब तक रोका जाएगा, जब तक रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध समाप्त नहीं करता और हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता। ईयू काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि यूरोपीय नेताओं ने अक्तूबर में यह वादा किया था और अब उसे पूरा किया गया है। इस फैसले से अगले सप्ताह होने वाले शिखर सम्मेलन में ईयू नेताओं को यह तय करने में मदद मिलेगी कि रूसी सेंट्रल बैंक की संपत्तियों का उपयोग कर यूक्रेन को अगले दो वर्षों के लिए बड़ा वित्तीय और सैन्य ऋण कैसे दिया जाए।

ईरान: चार साल की सौतेली बेटी की हत्या के मामले में महिला को सजा-ए-मौत
ईरान ने शनिवार को देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक महिला को फांसी दी, जिसे अपनी चार साल की सौतेली बेटी की हत्या का दोषी ठहराया गया था। न्यायपालिका ने यह जानकारी दी।

न्यायपालिका की वेबसाइट मीजान ऑनलाइन ने बताया था कि दिसंबर 2023 में एवा नाम की बच्ची की मौत हो गई थी। उसके मस्तिष्क में गंभीर चोटें आई थीं, जो उसकी सौतेली मां की ओर से किए गए हमलों के कारण हुई थीं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्च 2024 में महिला को 'किसास' की सजा सुनाई गई थी। इस्लामी कानून के तहत किसास में पीड़ित परिवार को मौत की सजा की मांग करने का अधिकार होता है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा। पश्चिम अजरबैजान प्रांत के मुख्य न्यायाधीश नासेर अताबाती ने कहा कि फांसी शनिवार सुबह दी गई।

रूस में ड्रोन हमले में दो की मौत
रूस के दक्षिण-पश्चिमी सारातोव क्षेत्र में ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के कुछ हिस्सों में शनिवार को बिजली गुल रही। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका की अगुवाई में शांति वार्ताएं जारी हैं।

सारातोव क्षेत्र के गवर्नर रोमन बुसारगिन ने कहा कि ड्रोन हमले में एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा एक किंडरगार्टन और एक क्लिनिक की कई खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि रात के दौरान रूसी क्षेत्र के ऊपर 41 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए।

यूक्रेन में खेरसन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में शनिवार को बिजली नहीं थी, जिनमें क्षेत्रीय राजधानी खेरसन भी शामिल है। क्षेत्रीय प्रमुख ओलेक्जेंडर प्रोकोदीन ने कहा कि यह स्थिति ऊर्जा ढांचे पर रूसी हमलों के बाद बनी। कीव और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस यूक्रेन की बिजली प्रणाली को पंगु बनाने की कोशिश कर रहा है।
 
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