Update: भारत ने केन्या भेजी राहत सामग्री, ब्रिटेन में भारतीय मूल की महिला की हत्या; चीनी जेल से रिहा होंगी झान
केन्या को भेजी खेप में दवाएं सहित आवश्यक सामान
भारत ने केन्या के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामाग्री की एक खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि खेप में आपातकालीन चिकित्सा उपाय- आवश्यक दवाएं, सर्जिकल उपभोग्य वस्तुएं और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। जल शोधन गोलियाँ, ब्लीचिंग पाउडर और कीटाणुनाशक तरल को भी शामिल किया गया है।
भारत सरकार की ओर से, केन्या में पदस्थ भारतीय उच्चायुक्त ने बाढ़ प्रभावित केन्याई लोगों के लिए भारत की दूसरी मानवीय सहायता खेप केन्या के मंत्रिमंडल के सचिव मर्सी वानजाउ को सौंपी।The consignment to Kenya consists of essential medicines, surgical consumables, and medical equipment required during emergency medical conditions. Water purification tablets, bleaching powder, and disinfectant liquid have also been included considering the flood situation: MEA https://t.co/yKqjuz9QHl pic.twitter.com/5J4jdgCKNz
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 14, 2024
On behalf of Government of India, High Commissioner handed over 2nd tranche of 40MT of humanitarian assistance for flood-affected Kenyans to Secretary to the Cabinet of the Republic of Kenya Mercy Wanjau and CS State Department for ASALs Peninah Malonza: India in Kenya pic.twitter.com/YqSjK9GgWU
— ANI (@ANI) May 14, 2024
लंदन में भारतवंशी महिला के हत्यारे को कोर्ट ने हिरासत में भेजा
लंदन के उत्तर-पश्चिम इलाके के एक बस स्टॉप पर भारतीय मूल की महिला की हत्या के मामले में 22 साल के एक व्यक्ति को हिरासत में भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक अनीता मुखी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में चिकित्सा सचिव के रूप में अंशकालिक रूप से काम करती थीं। पिछले सप्ताह लंदन के एडगवेयर इलाके में बर्न्ट ओक ब्रॉडवे बस स्टॉप पर वह खड़ीं थीं। इस दौरान जलाल देबेला ने उनके सीने और गर्दन में चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी। आरोपी लंदन के ओल्ड बेली कोर्ट में आज पेश किया गया। मामले की सुनवाई अब अगस्त में होगी।
कोविड- 19 के शुरुआती दिनों का दस्तावेजीकरण करने के लिए जेल में बंद चीनी नागरिक और पत्रकार झांग झान चार साल की सजा खत्म होने वाली है। वह रिहाई के करीब हैं। झान वकील से स्वतंत्र पत्रकार बनीं थीं। उन्होंने फरवरी 2020 में वुहान की यात्रा की। वहां उन्होंने महामारी के प्रति चीनी सरकार की प्रतिक्रिया का दस्तावेजीकरण किया था। स्वंतत्र रिपोर्टिंग के लिए उन्हें जेल जाना पड़ा था।