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एफबीआई की नौकरी के नियम क्यों बदले?: सीनेट में उठे सवाल, काश पटेल ने पीड़ितों का दिया हवाला; क्या कहा?

Wed, 16 Sep 2026 02:34 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 16 Sep 2026 02:34 AM IST
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FBI chief Kash Patel defends loosening of employment standards on bestiality, prostitutio
एफबीआई प्रमुख काश पटेल (फाइल) - फोटो : एक्स@FBIDirectorKash
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) निदेशक काश पटेल ने मंगलवार को एफबीआई के नौकरी से जुड़े नियमों में बदलाव का बचाव किया। ये बदलाव वेश्यावृत्ति और पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े मामलों को लेकर किए गए हैं। पटेल ने कहा कि इन बदलावों का मकसद पीड़ितों की मदद करना है। ऐसे लोग भी एफबीआई में नौकरी के लिए आवेदन कर सकें। उन्हें अपने पुराने अनुभव की वजह से अपने आप नौकरी के लिए अयोग्य न माना जाए।
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एफबीआई ने इस साल वसंत में चुपचाप अपने नियम बदले थे। पहले वेश्यावृत्ति में शामिल रह चुके लोगों पर नौकरी को लेकर पूरी रोक थी। ऐसे लोग एफबीआई में नौकरी के लिए अयोग्य माने जाते थे। अब यह रोक हटा दी गई है। कुछ मामलों में एफबीआई अब पूरे मामले की परिस्थितियों को देखेगा। ब्यूरो ने पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े मामलों में भी ऐसा ही बदलाव किया है।
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सीनेट की न्यायपालिका समिति की सुनवाई में पटेल से इन बदलावों के बारे में सवाल पूछे गए। पटेल ने कहा कि इससे नौकरी के मानक कम नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव का मकसद पीड़ितों की रक्षा करना है। कुछ लोगों को जबरन ऐसे कामों में शामिल किया गया था। कुछ लोग मानव तस्करी के शिकार हुए थे। ऐसे लोगों को सिर्फ उनके साथ हुई घटना की वजह से नौकरी के लिए अपने आप अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए।
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पटेल ने कहा कि एफबीआई पशुओं के साथ यौन संबंध के पीड़ितों को सजा नहीं देना चाहता था। उन्होंने मानव तस्करी के पीड़ितों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई नहीं चाहता था कि ऐसे मामले अपने आप नौकरी से अयोग्य होने की वजह बन जाएं।

पटेल के जवाब से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी संतुष्ट नहीं हुए। कैनेडी लुइसियाना से सीनेटर हैं। उन्होंने पटेल से इस बदलाव के पीछे की वजह पूछी। पटेल ने बताया कि यह सुझाव उनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों ने दिया था। कैनेडी ने इस पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े नियम में बदलाव का सुझाव देने वाले व्यक्ति से पटेल ने ऐसा क्यों नहीं कहा कि वह किस ग्रह से आया है। पटेल ने जवाब दिया कि शुरुआत में उनकी प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी। लेकिन बाद में उन्होंने इसे पीड़ितों की मदद करने का एक तरीका माना।

रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाली समिति सुनवाई में पटेल के काम पर ध्यान देना चाहती थी। इसमें हिंसक अपराध से लड़ना शामिल था। ड्रग्स की तस्करी रोकना भी इसमें शामिल था। ट्रंप प्रशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाना भी चर्चा का हिस्सा था। एफबीआई देश की प्रमुख संघीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों में से एक है।

लेकिन डेमोक्रेट सांसदों ने एफबीआई के अंदर पिछले एक साल में हुए विवादों को उठाया। उन्होंने उन एफबीआई एजेंटों को नौकरी से हटाने का मुद्दा भी उठाया, जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच में काम किया था। डेमोक्रेट सांसदों ने एफबीआई की ओर से ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों की जांच करने की कोशिशों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पटेल की यात्रा को लेकर भी सवाल किए। उनका कहना था कि पटेल की निजी छुट्टियां और सरकारी काम कई बार आपस में मिल गए।


इलिनॉय के सीनेटर डिक डर्बिन समिति के सबसे वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। उन्होंने सुनवाई की शुरुआत में पटेल की कड़ी आलोचना की। डर्बिन ने कहा कि पटेल देश के इतिहास में एफबीआई के सबसे कम योग्य निदेशक हैं। उन्होंने पटेल को सबसे ज्यादा राजनीतिक पक्षपात वाला निदेशक भी बताया। डर्बिन ने आरोप लगाया कि पटेल एफबीआई की कानून लागू करने की ताकत का इस्तेमाल ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों से बदला लेने के लिए कर रहे हैं।
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