Updates: हांगकांग में उम्रदराज पांडा ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, भारत आएंगीं नेपाल की विदेश मंत्री
हांगकांग में दस साल के असफल प्रयास के बाद एक विशाल पांडा जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली पहली उम्रदराज पांडा मां बन गई। दोनों बच्चों का जन्म गुरुवार की शाम को हुआ। थीम पार्क ने इसकी तस्वीरें वायरल की। बच्चे हथेली के आकार के और गुलाबी रंग के थे। दोनों बच्चों का वजन 122 ग्राम और 112 ग्राम है। दोनों बच्चे अभी फिलहाल बहुत नाजुक हैं और उन्हें स्थिर होने में समय लगेगा। थीम पार्क ने एक बयान जारी कर बताया कि पांडा मां को इससे पहले कई बार गर्भपात का सामना करना पड़ा था। बयान में बताया गया कि बढ़ती उम्र के साथ पांडा में प्रजनन की क्षमता कम हो जाती है। विशाल पांडा प्राकृतिक वातावरण में अकेले रहना पसंद करते हैं। उनके पास हर साल केवल एक प्रजनन चरण होता है जो एक से तीन दिनों के लिए रहता है। पांडा को विलुप्त होने से बचाने के लिए चीन दशकों से काम कर रहा है।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में ढाका विवि में छात्र-छात्राओ ने प्रदर्शन किया। आवाज तोलो नारी के बैनर तले विद्यार्थियों ने राजू मूर्ति के सामने नारेबाजी की। छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान बलात्कारियों को फांसी दो, क्या मैं अगला हूं जैसे संदेश लिखी तख्तियां ले रखी थीं। रहनुमा अहमद ने कहा कि हम बंगाल बलात्कार मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के असहयोगात्मक रवैये से अवगत हैं। छात्रा फहमीन ने कहा कि दुनिया भर में महिलाओं को बलात्कार का सामना करना पड़ता है। हम कोलकाता में आरजी कर अस्पताल मामले में निष्पक्ष जवाबदेही के लिए चल रहे आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं। छात्रों ने बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विद्रोह के बाद बलात्कार के हर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हुए भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए ऑक्यूपाई द नाइट कार्यक्रम भी मनाया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पूरे परिसर में तख्तियां लेकर मार्च किया।
22 अगस्त तक भारत में रहेंगीं नेपाल की विदेश मंत्री
नेपाल की विदेश मंत्री डॉ. आरजू राणा देउबा 18 अगस्त को भारत आएंगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर वह 22 अगस्त तक भारत और नेपाल के संबंधों को लेकर बैठक करेंगीं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल की विदेश मंत्री की यात्रा भारत और नेपाल के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाएगी।