World Updates: ब्रिटेन के इंडिया गेट में भारतीय सैनिकों की याद में होगा समारोह, अक्तूबर में होगा आयोजन
UK: अक्तूबर में ब्रिटेन स्थित इंडिया गेट पर वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विश्व युद्धों के दौरान भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया जाएगा।
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ब्रिटेन द्वारा दो विश्व युद्धों में भारतीय सैनिकों की भूमिका की याद में एक समारोह का आयोजन किया जाएगा। ब्राइटन की एक स्थानीय परिषद ने फैसला लिया है कि इस अक्तूबर से शहर के इंडिया गेट स्मारक पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
ब्रिटेन की स्थानीय परिषद ने क्या कहा?
ब्रिटेन की स्थानीय परिषद का कहना है कि एक स्मरण दिवस का आयोजन कर भारत के उन सैनिकों की यादों को संरक्षित किया जाएगा, जो विश्व युद्धों के दौरान ब्रिटेन के लिए लड़े थे। काउंसिल द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडिया गेट के इतिहास के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए एक समारोह का आयोजन करवाना जरूरी है। स्थानीय परिषद की समितियों का मानना है कि अक्तूबर में इंडिया गेट पर वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया जाएगा। इस आयोजन के बारे में अधिक जानकारी जल्द ही समिति द्वारा दे दी जाएगी।
यह है ब्राइटन स्थित इंडिया गेट का इतिहास
ब्रिटेन स्थित इंडिया गेट का अनावरण 26 अक्टूबर 1921 को पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह द्वारा किया गया था। यह रॉयल पवेलियन के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित है। इसकी तीन इमारतों में से एक को बेस अस्पताल के रूप तैयार किया गया था, जिसमें भारत के सैनिकों का इलाज किया जाता था।
ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार प्रथम विश्व युद्ध में अविभाजित भारत के 15 लाख से अधिक सैनिकों ने ब्रिटेन की सेना का साथ दिया था। इसके अलावा द्वितीय विश्व युद्ध 25 लाख से अधिक सैनिकों ने ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा करने के लिए स्वेच्छा से भाग लिया था। उस दौरान ब्रिटेन में रॉयल पवेलियन इंडियन हॉस्पिटल में घायल सैनिकों की देखभाल की जाती थी।
मध्य अफ्रीकी गणराज्य में एक नौका डूबने से 20 लोगों की मौत
मध्य अफ्रीकी गणराज्य में यात्रियों को ले जाते समय एक नाव के नदी में डूब जाने से 20 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 300 लोग अंतिम संस्कार के लिए नाव से जा रहे थे। मोपोको नदी में अचानक नाव डूबने लगी। इस दौरान स्थानीय मछुआरों ने बहुत से लोगों को बचाया। बचाव कार्य में शामिल एक मछुआरे एड्रियन मोसामो ने कहा कि सेना के आने से पहले करीब 20 शव निकाले जा चुके थे। बांगुई यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल सेंटर के अधिकारियों ने कहा कि सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। मरने वालों की संख्या और ज्यादा होने की संभावना है। नाव के डूबने की वजह का पता अभी नहीं चल पाया है।