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दुनिया की खबरें: पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर झड़प, बढ़ा तनाव; तालिबान के कई सदस्यों को मारने का दावा
Fri, 25 Sep 2026 11:00 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:00 AM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : amar ujala graphics
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर झड़प, बढ़ा तनाव; तालि
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे गुलिस्तान सेक्टर में अफगान तालिबान के कथित हमले को नाकाम करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस कार्रवाई में तालिबान के कई सदस्यों को मार गिराया।
यह घटना दोनों पड़ोसी देशों के बीच करीब तीन महीने तक अपेक्षाकृत शांति रहने के बाद फिर बढ़े तनाव के बीच हुई है। पिछले सप्ताह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक पुलिस प्रतिष्ठान पर हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 24 लोगों की मौत हुई थी।
पाकिस्तान की वायुसेना ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हमला किया था। इस्लामाबाद का कहना था कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए किया जा रहा था।
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दोनों देशों के बीच फरवरी में भी संघर्ष हुआ था। इसके बाद तनाव जारी रहने के दौरान मार्च में काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले में 400 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
अफगान तालिबान ने कहा था कि मार्च में किया गया हवाई हमला एक मादक पदार्थ पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाकर किया गया था।
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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे गुलिस्तान सेक्टर में अफगान तालिबान के कथित हमले को नाकाम करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस कार्रवाई में तालिबान के कई सदस्यों को मार गिराया।
यह घटना दोनों पड़ोसी देशों के बीच करीब तीन महीने तक अपेक्षाकृत शांति रहने के बाद फिर बढ़े तनाव के बीच हुई है। पिछले सप्ताह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक पुलिस प्रतिष्ठान पर हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 24 लोगों की मौत हुई थी।
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पाकिस्तान की वायुसेना ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हमला किया था। इस्लामाबाद का कहना था कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए किया जा रहा था।
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दोनों देशों के बीच फरवरी में भी संघर्ष हुआ था। इसके बाद तनाव जारी रहने के दौरान मार्च में काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले में 400 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
अफगान तालिबान ने कहा था कि मार्च में किया गया हवाई हमला एक मादक पदार्थ पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाकर किया गया था।
बांग्लादेश 2024 में फासीवाद से मुक्त हुआ: संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री तारीक रहमान
बांग्लादेश 2024 में फासीवाद से मुक्त हुआ और सरकार देश को "ठीक" करने के लिए सुधार, पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण की रणनीति पर काम कर रही है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह बात कही।
रहमान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण बांग्ला में दिया। वह अपने परिवार के तीसरे सदस्य हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है। उनसे पहले उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के साथ मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर चुकी हैं।
उनके पिता जियाउर रहमान ने 1980 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था, जबकि उनकी मां ने 1993 में विश्व नेताओं को संबोधित किया था। रहमान ने गुरुवार को अपने पहले संबोधन में कहा, "डेढ़ दशक से अधिक समय के फासीवादी शासन और शोषण को खत्म करने के बाद बांग्लादेश 2024 में फासीवाद से मुक्त हुआ।"
बांग्लादेश 2024 में फासीवाद से मुक्त हुआ और सरकार देश को "ठीक" करने के लिए सुधार, पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण की रणनीति पर काम कर रही है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह बात कही।
रहमान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण बांग्ला में दिया। वह अपने परिवार के तीसरे सदस्य हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है। उनसे पहले उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के साथ मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर चुकी हैं।
उनके पिता जियाउर रहमान ने 1980 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था, जबकि उनकी मां ने 1993 में विश्व नेताओं को संबोधित किया था। रहमान ने गुरुवार को अपने पहले संबोधन में कहा, "डेढ़ दशक से अधिक समय के फासीवादी शासन और शोषण को खत्म करने के बाद बांग्लादेश 2024 में फासीवाद से मुक्त हुआ।"
बलूचिस्तान: बलूच लड़ाकों ने 25 हमलों में मारे 18 पाकिस्तानी सैनिक
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने गुरुवार को पिछले कुछ दिनों में पूरे बलूचिस्तान में 25 ऑपरेशनों की जिम्मेदारी ली है। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी बलों को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 18 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
द बलूचिस्तान पोस्ट को जारी एक बयान में बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 14 से 23 सितंबर के बीच प्रांत के कई हिस्सों में हमले किए, जिनमें पंजगुर, केच, खारान, खुजदार, मस्तुंग, वाशुक, नुश्की और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभियानों के दौरान बीएलए ने पाकिस्तानी सैन्य काफिलों और चौकियों, निगरानी ढांचे, आपूर्ति मार्गों और जिसे समूह ने 'डेथ स्क्वॉड' बताया, उस पर हमला किया।
बयान के अनुसार, बीएलए ने 22 सितंबर को क्वेटा के पास दश्त के टेरा माइल इलाके में पैदल गश्त के दौरान सेना के बम निरोधक दस्ते के सदस्यों को एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से निशाना बनाया। समूह ने दावा किया कि हमले में एक पाकिस्तानी जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।
बीएलए ने कहा कि उसी दिन लड़ाकों ने खुजदार में बागबाना पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया और वहां रखे हथियारों और उपकरणों को जब्त कर लिया। समूह ने कहा कि बाद में पुलिस एंटी-टेररिस्ट फोर्स (एटीएफ) के कर्मी, 'डेथ स्क्वॉड' के सदस्यों के साथ इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन पर हमला किया गया। उसने कहा कि कथित सशस्त्र समूह के कई सदस्य मारे गए और थानाध्यक्ष (एसएचओ) मुनीर आलम जट्टक सहित पुलिस कर्मी घायल हो गए।
बीएलए के अनुसार, उसके लड़ाकों ने 20 सितंबर को नुश्की में बाईपास रोड पर शहीद बालाच खान स्टेडियम के पास पाकिस्तानी सैन्य बलों को भी निशाना बनाया, जिसमें दो जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। उसने आगे दावा किया कि बुलेदा के कोश्क इलाके में एक सैन्य चौकी पर ग्रेनेड-लॉन्चर से कई राउंड फायरिंग की गई।
समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 21 सितंबर को मांड में रादिग पर कब्जा कर लिया, प्रमुख स्थानों पर नाकाबंदी की और भारी और स्वचालित हथियारों का उपयोग करके पाकिस्तानी सेना के मुख्य शिविर पर हमला किया।
इससे पहले, 18 सितंबर को, उसने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने मांड में बलोचाबाद और बुल्लो पर कब्जा कर लिया, प्रमुख प्रवेश बिंदुओं को अवरुद्ध कर दिया, और ऑपरेशन के दौरान क्षेत्र में जनसभाओं को संबोधित किया। बीएलए ने आरोप लगाया कि बाद में पाकिस्तानी बलों ने नागरिक बस्तियों को निशाना बनाने के लिए क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए, जबकि उसके लड़ाकों ने एक ड्रोन को मार गिराया।
समूह ने बलूचिस्तान के संसाधनों के शोषण, कथित राज्य समर्थित सशस्त्र समूहों और पाकिस्तान की 'शोषणकारी नीतियों' के खिलाफ अपने अभियानों को जारी रखने की कसम खाई। बयान में कहा गया, "हमारे लड़ाकों द्वारा दिए गए ये बलिदान और आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति हर मोर्चे पर कब्जा करने वाली सेना को हार का सामना करा रही है। स्वतंत्र और संप्रभु बलूचिस्तान की स्थापना होने तक पाकिस्तान के खिलाफ बीएलए का सशस्त्र संघर्ष जारी रहेगा।"
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने गुरुवार को पिछले कुछ दिनों में पूरे बलूचिस्तान में 25 ऑपरेशनों की जिम्मेदारी ली है। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी बलों को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 18 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
द बलूचिस्तान पोस्ट को जारी एक बयान में बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 14 से 23 सितंबर के बीच प्रांत के कई हिस्सों में हमले किए, जिनमें पंजगुर, केच, खारान, खुजदार, मस्तुंग, वाशुक, नुश्की और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभियानों के दौरान बीएलए ने पाकिस्तानी सैन्य काफिलों और चौकियों, निगरानी ढांचे, आपूर्ति मार्गों और जिसे समूह ने 'डेथ स्क्वॉड' बताया, उस पर हमला किया।
बयान के अनुसार, बीएलए ने 22 सितंबर को क्वेटा के पास दश्त के टेरा माइल इलाके में पैदल गश्त के दौरान सेना के बम निरोधक दस्ते के सदस्यों को एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से निशाना बनाया। समूह ने दावा किया कि हमले में एक पाकिस्तानी जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।
बीएलए ने कहा कि उसी दिन लड़ाकों ने खुजदार में बागबाना पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया और वहां रखे हथियारों और उपकरणों को जब्त कर लिया। समूह ने कहा कि बाद में पुलिस एंटी-टेररिस्ट फोर्स (एटीएफ) के कर्मी, 'डेथ स्क्वॉड' के सदस्यों के साथ इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन पर हमला किया गया। उसने कहा कि कथित सशस्त्र समूह के कई सदस्य मारे गए और थानाध्यक्ष (एसएचओ) मुनीर आलम जट्टक सहित पुलिस कर्मी घायल हो गए।
बीएलए के अनुसार, उसके लड़ाकों ने 20 सितंबर को नुश्की में बाईपास रोड पर शहीद बालाच खान स्टेडियम के पास पाकिस्तानी सैन्य बलों को भी निशाना बनाया, जिसमें दो जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। उसने आगे दावा किया कि बुलेदा के कोश्क इलाके में एक सैन्य चौकी पर ग्रेनेड-लॉन्चर से कई राउंड फायरिंग की गई।
समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 21 सितंबर को मांड में रादिग पर कब्जा कर लिया, प्रमुख स्थानों पर नाकाबंदी की और भारी और स्वचालित हथियारों का उपयोग करके पाकिस्तानी सेना के मुख्य शिविर पर हमला किया।
इससे पहले, 18 सितंबर को, उसने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने मांड में बलोचाबाद और बुल्लो पर कब्जा कर लिया, प्रमुख प्रवेश बिंदुओं को अवरुद्ध कर दिया, और ऑपरेशन के दौरान क्षेत्र में जनसभाओं को संबोधित किया। बीएलए ने आरोप लगाया कि बाद में पाकिस्तानी बलों ने नागरिक बस्तियों को निशाना बनाने के लिए क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए, जबकि उसके लड़ाकों ने एक ड्रोन को मार गिराया।
समूह ने बलूचिस्तान के संसाधनों के शोषण, कथित राज्य समर्थित सशस्त्र समूहों और पाकिस्तान की 'शोषणकारी नीतियों' के खिलाफ अपने अभियानों को जारी रखने की कसम खाई। बयान में कहा गया, "हमारे लड़ाकों द्वारा दिए गए ये बलिदान और आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति हर मोर्चे पर कब्जा करने वाली सेना को हार का सामना करा रही है। स्वतंत्र और संप्रभु बलूचिस्तान की स्थापना होने तक पाकिस्तान के खिलाफ बीएलए का सशस्त्र संघर्ष जारी रहेगा।"