विदेश: फिजी में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैलने पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित, हर 60 में से एक वयस्क संक्रमित
157 ड्रोन और डिकॉय से हमला, कई इमारतें क्षतिग्रस्त
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रातभर चले हमले में रूस ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ 157 ड्रोन और डिकॉय का इस्तेमाल किया। यूक्रेन ने इनमें से 131 हवाई लक्ष्यों को नष्ट या निष्क्रिय करने का दावा किया है। कीव के अलावा जापोरिज्जिया और ओडेसा क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। हमले से कई इलाकों में गोदाम, कार्यालय, रिहायशी इमारतें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए। द्निप्रोव्स्की जिले में एक गोदाम, कार्यालय और आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि सोलोमियांस्की जिले में भी एक गोदाम क्षतिग्रस्त हुआ। दार्नित्स्की जिले में गोदाम और कारों को नुकसान पहुंचा। पोदिल्स्की जिले में एक गैर-आवासीय इमारत की छत क्षतिग्रस्त होने की जानकारी अधिकारियों ने दी है।
अमेरिकी हमलों पर विशेषज्ञों का बड़ा दावा
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय द्वारा गठित अंतरराष्ट्रीय तथ्य-खोज मिशन के विशेषज्ञों ने कहा है कि उनके पास यह मानने के लिए “उचित आधार” हैं कि ईरान में किए गए दो अमेरिकी हवाई हमलों में युद्ध अपराध हुए हो सकते हैं। जिन हमलों की जांच की गई, उनमें दक्षिणी शहर मिनाब स्थित एक स्कूल पर हुआ हमला भी शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों हमलों में कम से कम 178 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। मिशन ने ईरान में सरकारी सुरक्षा बलों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई हत्याओं का भी उल्लेख किया और कहा कि ये घटनाएं “चौंका देने वाले स्तर” पर हुईं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी नागरिक एक ओर अपनी ही सरकार द्वारा किए गए गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और मानवता के खिलाफ अपराधों के बीच फंसे हुए थे, तो दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे घातक संघर्ष का भी सामना कर रहे थे। युद्ध की शुरुआत फरवरी में हुई थी। एसोसिएटेड प्रेस की एक जांच के अनुसार, मिनाब में शाजरेह तैयबेह स्कूल पर कम से कम एक अमेरिकी मिसाइल गिरी थी। इस हमले में वास्तव में क्या हुआ, इसका अभी अंतिम आकलन नहीं हो सका है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि हमले में 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे।
12 डिग्रियां लेकर दुनिया के सबसे पढ़े लिखे इंसान बनने की राह पर न्यूजीलैंड के बीटन
न्यूजीलैंड के 31 वर्षीय जेमी बीटन दुनिया के सबसे अधिक शिक्षित लोगों में शामिल होने की राह पर हैं। हार्वर्ड, येल, ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड और प्रिंसटन जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से वह अब तक 12 उच्च डिग्रियां हासिल कर चुके हैं और उनकी पढ़ाई अभी जारी है।
इससे पहले सबसे अधिक डिग्रियां हासिल करने वालों में बेंजामिन बी. बोल्गर के नाम 16 और माइकल निकोलसन के नाम 30 से अधिक डिग्रियां बताई जाती हैं। बीटन ने हाईस्कूल के अंतिम वर्ष में जरूरी पाठ्यक्रमों से दोगुने से अधिक विषय पढ़े और हार्वर्ड, येल व प्रिंसटन समेत 25 विश्वविद्यालयों में दाखिला मिला। 2016 में उन्होंने हार्वर्ड से मैग्ना कम लाउड सम्मान के साथ पढ़ाई पूरी की। फिलहाल वह ब्राउन यूनिवर्सिटी से डाटा साइंस में मास्टर की पढ़ाई भी कर रहे हैं। एजेंसी
बीटन ने पढ़ाई के साथ क्रिमसन एजुकेशन की स्थापना की, जो छात्रों को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश की तैयारी में मदद करती है। कंपनी में उनके अनुसार करीब 1,200 पूर्णकालिक कर्मचारी हैं और अब तक करीब 10 हजार छात्र इसकी सेवाएं ले चुके हैं। बीटन का कहना है कि शुरुआती पांच डिग्रियां कौशल हासिल करने के उद्देश्य से थीं, लेकिन इसके बाद वह बढ़ते गए।
सिंगापुर। सिंगापुर अपने नागरिकों की लगातार स्क्रीन से चिपके रहने की बुरी आदत (डूमस्क्रॉलिंग) छुड़ाने के लिए दिन में कम से कम 15 मिनट किताब पढ़ने के एवज में पैसे दे रहा है। इस समृद्ध देश ने इसी महीने शुरू की गई इस रणनीति को गेमिफिकेशन नाम दिया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से लोगों की एकाग्रता, सोच-समझकर फैसला लेने की क्षमता और कल्पनाशीलता बेहतर होगी। योजना के तहत, पढ़ने वालों को कुछ अंक मिल रहे हैं जिन्हें सेंट के बदले भुनाया जा सकता है। लोगों को 80 सेंट यानी एक डॉलर पाने के लिए एक सरकारी वेबसाइट पर रोजाना 50 रीडिंग सेशन लॉग करने होंगे। 15 मिनट के हर रीडिंग सेशन के लिए 20 वर्चुअल क्वाइन मिलेंगे और एक डॉलर के पेमेंट के लिए 1,000 क्वाइन की जरूरत होगी।
नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड की प्रमुख मेलिसा टैम ने कहा कि पढ़ने की आदतें छोटे और आसानी से पूरे किए जा सकने वाले कदमों से बनती हैं। उन्होंने कहा, हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां कंटेंट, जानकारी और प्रेरणा की भरमार है। हम जानते हैं कि आदतें छोटे-छोटे, लगातार किए जाने वाले काम से बनती हैं। इसलिए हम एक आसान लक्ष्य से शुरुआत कर रहे हैं, बस रोज 15 मिनट पढ़ना। बस में, सोने से पहले या लंच के समय। इससे पहले भी स्वास्थ्य से जुड़ी पहल के तहत सरकार पैदल चलने के लिए सुपरमार्केट वाउचर और रोजाना तय कदम चलने के लक्ष्य को पूरा करने पर इनाम देती रही है।
धार्मिक स्थलों के आसपास 100 फीट का होगा प्रदर्शन-मुक्त क्षेत्र
अमेरिका में सांसदों ने धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक को जल्द पारित करने की मांग की है। प्रस्तावित ‘राइट टू वर्शिप एक्ट’ के तहत पूजा स्थलों के आसपास 100 फीट का प्रदर्शन-मुक्त क्षेत्र बनाने और धार्मिक सेवाओं के दौरान लोगों को वहां पहुंचने से जानबूझकर रोकने या बाधा डालने को गैरकानूनी बनाने का प्रावधान है। बुधवार को कैपिटल हिल में हिंदू, सिख और यहूदी समुदायों समेत 30 से अधिक संगठनों ने विधेयक के समर्थन में रैली की। डेमोक्रेटिक सांसद टॉम सूजी और रिपब्लिकन सांसद ब्रैड नॉट ने इसे पेश किया है। सूजी ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने पूजा स्थल में प्रवेश के लिए असाधारण साहस दिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, जबकि नॉट ने कहा कि पूजा करने का अधिकार खतरे में है और यह अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत संरक्षित अधिकार है। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक सुहाग शुक्ला ने अमेरिका के हिंदू मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशान किए जाने और धार्मिक सेवाओं में बाधा डालने की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रस्तावित कानून में 100 फीट के दायरे में जानबूझकर बाधा डालने या उत्पीड़न करने पर नागरिक दंड का प्रावधान भी है।
खाड़ी में जहाज पर हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी जहाज पर हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका के एक किराए के जहाज पर हमला हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला ईरानी ड्रोन और मिसाइल के जरिए किया गया। इस घटना में जहाज के चालक दल के कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। हमले के समय जहाज पर कई अमेरिकी नागरिक भी मौजूद थे। घायल कर्मचारियों का इलाज खाड़ी देश के अस्पताल में चल रहा है। इस हमले को लेकर अभी तक अमेरिका या ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिजी में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैलने पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित, हर 60 में से एक वयस्क संक्रमित
दक्षिण प्रशांत महासागरीय देश फिजी ने एचआईवी संक्रमण के मामलों में भारी उछाल के बाद राष्ट्रीय आपातकाल का एलान कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में हर 60 में से एक वयस्क इस वायरस की चपेट में है, जबकि पांच साल पहले यह आंकड़ा 167 में से एक था। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNAIDS) के मुताबिक, फिजी में पिछले 15 वर्षों के दौरान नए मामलों में 12 गुना की बढ़ोतरी हुई है। दस लाख से कम आबादी वाले इस देश में साल 2025 में लगभग 9,000 लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे। इनमें से केवल 39 प्रतिशत लोगों को ही अपनी बीमारी की जानकारी थी और महज 22 प्रतिशत मरीजों को ही एंटीरेट्रोवायरल इलाज मिल पा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावू ने फेसबुक पर एक वीडियो में कहा कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय संकट है और सरकार इससे पूरी गंभीरता से निपट रही है। सरकार ने जांच और उपचार बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत मुफ्त जांच, संक्रमितों को मुफ्त इलाज और नशा करने वालों को संक्रमण से बचाने के लिए साफ सुइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि इस मुहिम का मकसद लोगों को बिना किसी झिझक या शर्मिंदगी के सुरक्षा देना है।
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार मेहदी अमीन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी और जन-संपर्क को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। भारतीय उच्चायोग ने 'एक्स' पर बताया कि दोनों संप्रभु देशों की समृद्धि और आपसी लाभ के लिए व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर बात हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा चुनौतियों को आपसी संवाद से सुलझाने पर जोर दिया। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के मुताबिक, शिक्षा, श्रम, प्रवासी कल्याण मामलों के सलाहकार और पीएमओ प्रवक्ता मेहदी अमीन ने उच्चायुक्त से आग्रह किया कि भारत यह पक्का करे कि वहां मौजूद फासीवाद के सहयोगी और सजायाफ्ता भगोड़े अपराधी बांग्लादेश में किसी भी तरह की अस्थिरता पैदा करने की कोशिश न कर सकें।