World News: 2019 के बाद पहली बार यूरोप दौरे पर शी जिनपिंग; भारत से जर्मनी गए पर्यटकों की संख्या 30 फीसदी बढ़ी
अंतरिक्ष स्टेशन से छह महीने बाद धरती पर लौटा चीन का यान
चीन का शेनझोउ-17 अंतरिक्ष यान खुद के अंतरिक्ष स्टेशन से छह महीने बाद तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर पृथ्वी पर लौट आया। यह मंगलवार शाम 6 बजे गोबी रेगिस्तान में उतरा। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर किए जाने के बाद चीन ने अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाया है। अमेरिका पहले ही अंतरिक्ष स्टेशन पर चीनी सेना के पूर्ण कब्जे की मंशा पर चिंता जता चुका है।
भारत से जर्मनी जाने वाले पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी इजाफा
जर्मनी में भारतीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। भारत में जर्मनी के उप मिशन प्रमुख जॉर्ज एंजवीलियर ने बताया कि 2023 में भारत से पहुंचे पर्यटकों ने जर्मनी में 8 लाख से अधिक रातें बिताईं। 2022 की तुलना में भारत से जर्मनी आने वाले पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई है।
14 दिन में छठी बार ज्वालामुखी विस्फोट
इंडोनेशिया के माउंट रुआंग में मंगलवार को ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ। इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है और अगले आदेश तक एयरपोर्ट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। विस्फोट के बाद चारों ओर अंधेरा छा गया। 14 दिन में छठवीं बार ज्वालामुखी फटा है। ज्वालामुखी फटने के बाद 11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा चुका है। साथ ही पांच किलोमीटर की दूरी तक किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है।
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लेखिका श्राबणी बासु को लंदन विवि से मिली डॉक्टरेट की मानद उपाधि
कोलकाता में जन्मी इतिहासकार-लेखिका श्राबणी बासु को साहित्य तथा साझा ब्रिटिश भारतीय इतिहास के अध्ययन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए लंदन विश्वविद्यालय ने ‘डॉक्टरेट’ की मानद उपाधि दी है। उन्होंने एक दीक्षांत समारोह में ‘डॉक्टर ऑफ लिटरेचर’ की अपनी मानद उपाधि ग्रहण की। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक करने वाली डॉ. बासु अब लंदन में रहती हैं।
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय की बहन प्रिसेंज रॉयल प्रिसेंज एन्नी ने बासु को यह डिग्री प्रदान की। सर्वाधिक बिकने वाली जीवनी संबंधी पुस्तकों ‘स्पाई प्रिंसेंज : द लाईफ ऑफ नूर इनायत खान’ और ‘विक्टोरिया एंड अब्दुल : द ट्रू स्टोरी ऑफ क्वीन्स क्लोजेस्ट कॉन्फिडेंट’ की लेखिका बासु ने अपने संबोधन में 1980 के दशक में पत्रकार के रूप में भारत से ब्रिटेन आने की अपनी यात्रा का जिक्र किया जब वह कई छिपी हुई अद्भुत बातों से रूबरु हुईं और इन बातों को उनकी किताबों में जगह मिली। उनकी ‘विक्टोरिया एंड अब्दुल: द ट्रू स्टोरी ऑफ क्वीन्स क्लोजेस्ट कॉन्फिडेंट’ पर एक फिल्म भी बनी है जिसे ऑस्कर के लिए नामित किया गया था।