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World: डोनाल्ड ट्रंप ने की पुतिन की आलोचना, रूस से की बड़ी अपील; ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी खास अनुमति

Thu, 24 Apr 2025 11:00 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 24 Apr 2025 11:00 AM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आलोचना की। यूक्रेन की राजधानी कीव पर घातक हमलों के बाद उन्होंने पुतिन से हमले रोकने की अपील की। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, मैं कीव पर रूसी हमलों से खुश नहीं हूं। यह बिल्कुल गैरजरूरी और बहुत बुरे समय में किया गया है। उन्होंने कहा, व्लादिमीर, रुको! हर हफ्ते 5000 सैनिक मर रहे हैं। शांति समझौता पूरा करो। 
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बता दें कि, रूस ने कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से घंटों तक हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हुए। यह पिछले जुलाई के बाद शहर पर सबसे घातक हमला था। ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के बीच अमेरिका के नेतृत्व में शांति समझौते की कोशिशें आगे नहीं बढ़ाने निराशा जाहिर की। इसके पहले उन्होंने बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप को लेकर जिद पकड़ने को लेकर निशाना साधा। 
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'परमाणु निगरानी' पर बात के लिए ईरान जाएगी IAEA टीम
संयुक्त राष्ट्र की निगरानी संस्था के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा है कि ईरान ने परमाणु निगरानी बहाल करने पर चर्चा के लिए IAEA की टीम को अपने देश में आने की अनुमति दे दी है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की टीम को मिली प्रवेश की अनुमति पर निगरानी संस्था के प्रमुख ग्रॉसी ने कहा, ईरान परमाणु स्थलों पर कैमरा निगरानी बहाल करने पर चर्चा के लिए सहमत हो गया है। आने वाले दिनों में IAEA की तकनीकी टीम ईरान जाएगी। उन्होंने इसे अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के प्रति ईरान के रुख का उत्साहजनक संकेत बताया।
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यूक्रेन पर रूस के भीषण हमले, नौ लोगों की मौत
 यूक्रेनी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कीव में रात को बड़े पैमाने पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई और छह बच्चों सहित 63 अन्य घायल हो गए। कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि रूस ने कीव पर ड्रोन और बैलास्टिक मिसाइलों से हमला किया। शहर के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि कई आवासीय भवनों में आग लगने की खबर मिली है।

US में विस्कॉन्सिन बेस की पहली महिला कमांडर निलंबित
अमेरिकी सेना ने विस्कॉन्सिन प्रशिक्षण बेस की पहली महिला कमांडर को निलंबित कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर दीवार पर लगाए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है। अमेरिकी सेना के मुताबिक उन्हें पता चला कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की तस्वीरों को दीवार की ओर घुमाकर लगा दिया गया था। ऐसा करने के लिए कर्नल शैला बेज़ रामिरेज़ को बेस के गैरीसन कमांडर के पद से निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि रक्षा विभाग ने बीते 14 अप्रैल को एक्स पर तस्वीरें साझा की थीं। इनमें दिखाया गया कि बेस की कमान दीवार पर लगे ट्रम्प और हेगसेथ के चित्रों को दीवार की ओर कर दिया गया है।

भारतीय कंपनी ने जीता 5 करोड़ डॉलर का अवार्ड; मस्क फाउंडेशन की वित्तपोषित स्पर्धा में 88 देशों ने लिया भाग
भारत की कार्बन कैप्चर कंपनी 'माटी कार्बन' ने वायुमंडल से जलवायु परिवर्तन करने वाले कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने में मदद करने के लिए 5 करोड़ डॉलर (करीब 427 करोड़ रुपये) का पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार मस्क फाउंडेशन के 'एक्स प्राइज' द्वारा वित्तपोषित वैश्विक प्रतियोगिता का हिस्सा है, जिसमें 88 देशों ने भाग लिया। उसने इस स्पर्धा के लिए 10 करोड़ डॉलर (करीब 853 करोड़ रुपये) आवंटित किए। यह पुरस्कार कार्बन कैप्चर तकनीक विकास नवाचार बढ़ाने वाले छात्रों-शोधकर्ताओं को दिया जाता है।

नेपाल : ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की ओली संग द्विपक्षीय वार्ता
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात की। इस दौरान घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक के दौरान ऊर्जा क्षेत्र के विकास और दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मनोहर लाल अपने समकक्ष ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री दीपक खडका के निमंत्रण पर मंगलवार को काठमांडू पहुंचे।

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी खास अनुमति
ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से सेना में ट्रांसजेंडर लोगों पर प्रतिबंध को लागू करने की अनुमति मांगी, जबकि कानूनी चुनौतियां जारी रहेंगी। हाई कोर्ट में दाखिल यह याचिका एक संघीय अपील अदालत के संक्षिप्त आदेश के बाद आई है, जिसने देश भर में नीति को अवरुद्ध करने वाले न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के एक सप्ताह बाद एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दावा किया गया है कि ट्रांसजेंडर सेवा सदस्यों की यौन पहचान "सैनिक की सम्मानजनक, सत्यनिष्ठ और अनुशासित जीवनशैली के प्रति प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करती है, यहां तक कि अपने निजी जीवन में भी" और सैन्य तत्परता के लिए हानिकारक है। इसके जवाब में, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक नीति जारी की, जो संभावित रूप से ट्रांसजेंडर लोगों को सैन्य सेवा से अयोग्य घोषित करती है।

लेकिन मार्च में, वाशिंगटन के टैकोमा में अमेरिकी जिला न्यायालय के न्यायाधीश बेंजामिन सेटल ने कई लंबे समय से सेवारत ट्रांसजेंडर सैन्य सदस्यों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिनका कहना है कि प्रतिबंध अपमानजनक और भेदभावपूर्ण है, और उन्हें नौकरी से निकाले जाने से उनके करियर और प्रतिष्ठा को स्थायी नुकसान होगा। ट्रंप के रिपब्लिकन प्रशासन ने इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया कि ट्रांसजेंडर सैनिक, जो पिछले चार वर्षों से बिना किसी समस्या के सबूत के खुले तौर पर सेवा कर रहे हैं, पर अचानक प्रतिबंध क्यों लगाया जाना चाहिए, सेटल ने लिखा। न्यायाधीश राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा नियुक्त किए गए हैं और अमेरिकी सेना के जज एडवोकेट जनरल कोर के पूर्व कप्तान हैं।

ईरान: सुन्नी खलीफा के अपमान पर सरकारी टीवी के 4 कर्मचारी गिरफ्तार
ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को सरकारी टीवी चैनल के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। इन पर पैगंबर मोहम्मद के करीबी सहयोगी और सुन्नी मुसलमानों के पहले खलीफा अबू बक्र का अपमान करने का आरोप है। इससे पहले, सरकारी टीवी ने बुधवार को प्रसारित एक कार्यक्रम में अबू बक्र के अपमान के लिए माफी मांगी थी और आठ कर्मचारियों को बर्खास्त करने की घोषणा की थी। कार्यक्रम में एक मेहमान ने अबू बक्र को शापित और धूर्त बताया था। गौरतलब है कि अबू बक्र प्रथम खलीफा थे। उन्होंने मोहम्मद की मृत्यु के बाद 632 से 634 तक शासन किया और वे उनके ससुर भी थे।

सरकारी प्रसारण कंपनी के प्रमुख पेमान जेबली ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस अपमान को अक्षम्य अपराध बताते हुए इसकी निंदा की थी। यह दशकों में पहला मौका है जब ईरानी अधिकारियों ने सरकारी प्रसारण कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ खुलकर कार्रवाई की है। इसके पहले 1989 में भी कंपनी के पांच कर्मचारियों पर एक रेडियो रिपोर्ट के लिए कार्रवाई की गई थी, जिसमें एक महिला ने पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा को महिलाओं के लिए उपयुक्त रोल मॉडल बताने से इन्कार किया था। गौरतलब है कि ईरान की 8 करोड़ 50 लाख की आबादी में लगभग 10 प्रतिशत सुन्नी मुसलमान हैं। वे खलीफा अबू बक्र का बेहद सम्मान करते हैं।
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