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जलवायु परिवर्तन: अंटार्कटिका में टूटा दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड
Thu, 20 May 2021 01:49 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 May 2021 01:49 AM IST
सार
हिमखंड लगभग 170 किलोमीटर लंबा और 25 किलोमीटर चौड़ा है। जलवायु परिवर्तन के कारण अंटार्कटिका की बर्फ की चादर भी गर्म हो रही है। इस कारण तेजी से पिघल रही है बर्फ
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : social media
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विस्तार
अंटार्कटिका की बर्फ की चादर तेजी से गर्म हो रही है। इसके कारण बर्फ के बड़े बड़े हिमखंड पिघल रहे हैं। अब अंटार्कटिका के तट से एक विशालकाय हिमखंड टूट गया है। उपग्रहों और विमानों से ली गईं तस्वीरों के मुताबिक यह दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड है।
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इसका आकार स्पेनिश द्वीप मालोर्का के जितना है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि आइसबर्ग ए-76 अंटार्कटिका में रोने आइस शेल्फ के पश्चिमी हिस्से से टूटा और अब वेडेल सागर पर तैर रहा है। एजेंसी के मुताबिक यह लगभग 170 किलोमीटर लंबा और 25 किलोमीटर चौड़ा है।
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जलवायु परिवर्तन के कारण अंटार्कटिका की बर्फ की चादर भी गर्म हो रही है। इस कारण ग्लेशियर पीछे हट रहे हैं, खासकर वेडेल सागर के आसपास।जैसे ही ग्लेशियर पीछे हटते हैं, बर्फ के टुकड़े टूट जाते हैं और तब तक तैरते रहते हैं जब तक कि वे अलग नहीं हो जाते या जमीन से टकरा नहीं जाते।
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पिछले साल भी दक्षिण जार्जिया में एक बड़ा हिमखंड टूटा था, उस वक्त वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया था कि खंड एक ऐसे द्वीप से टकराएगा जो समुद्री शेरों और पेंगुइन के लिए एक प्रजनन स्थल है, लेकिन इसके बजाय यह अलग हो गया और टुकड़ों में टूट गया
इस महीने की शुरुआत में नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 1880 के बाद से औसत समुद्र का स्तर लगभग नौ इंच बढ़ गया है। इस वृद्धि का कारण एक चौथाई हिस्सा ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फ की चादरों के साथ-साथ भूमि-आधारित ग्लेशियरों का पिघलना है।