विश्व बैंक ने 100 देशों को 160 अरब डॉलर की मदद देने का किया एलान
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विश्व बैंक ने कहा है कि दुनिया भर में करोड़ों लोगों के लिए कोरोना संकट भारी मुसीबत लेकर आया है, जिसका नतीजा यह होगा कि छह करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे। उसने यह भी कहा कि हाल ही के दिनों में पूरी दुनिया में गरीबी उन्मूलन की दिशा में जो भी कुछ प्रगति हासिल की है वह कोरोना संकट के चलते खत्म हो जाएगी।
विश्व बैंक ने इस वैश्विक संकट से उबरने के अभियान के तहत 100 विकासशील देशों को 160 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। यह पूरी सहायता पंद्रह महीने की अवधि में दी जाएगी। विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपॉस ने छह करोड़ लोगों के गरीबी के दलदल में फंसने की बात पर जोर देते हुए कहा, ‘विश्व बैंक समूह ने तेजी से कदम उठाए हैं और 100 देशों में आपात सहायता अभियान शुरू किया है।
इसमें अन्य दानदाताओं को कार्यक्रम के तेजी से आगे बढ़ाने की अनुमति होती है।’ उन्होंने कहा कि विश्व बैंक से सहायता पा रहे इन 100 देशों में दुनिया की 70 प्रतिशत आबादी रहती है। इनमें से 39 अफ्रीकी उप सहारा क्षेत्र के हैं। कुल परियोजनाओं में एक तिहाई अफगानिस्तान, चाड, हैती और नाइजर जैसे नाजुक और चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
- अर्थव्यवस्था के लिए करने होंगे ठोस उपाय
विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब काफी प्रयास करने होंगे क्योंकि कोरोना संकट ने विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर वृद्धि के रास्ते पर लौटने के लिए हमें लक्ष्य तय करने होंगे। यह लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की आपात व्यवस्था के साथ ही तीव्र और लचीला रुख अपनाकर हासिल किया जा सकता है।