फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Working American women loss their jobs due to coronavirus , participation in employment declines to 33-year low

कोरोना ने तोड़ दी कामकाजी अमेरिकी महिलाओं की कमर, रोजगार में भागीदारी घट कर 33 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची

Thu, 11 Feb 2021 02:08 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Feb 2021 02:08 PM IST
सार

डिस्टेंस लर्निंग, ऑनलाइन पढ़ाई और बच्चों की देखभाल का महिलाओं पर ज्यादा बोझ पड़ा। इसकी वजह से बहुत सी महिलाओं ने नौकरी छोड़ दी है या नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी की तलाश नहीं कर रही हैं...

विज्ञापन
Working American women loss their jobs due to coronavirus , participation in employment declines to 33-year low
Working Women - फोटो : iStock

विस्तार

अमेरिका में कोरोना महामारी के दौरान दस लाख से ज्यादा महिलाओं को अपना रोजगार छोड़ना पड़ा। उनमें बहुत बड़ी संख्या ऐसी हैं, जिनके फिर से कामकाज में लौटने की संभावना नहीं है। जानकारों ने कहा है कि इस तरह महिलाओं को घर से बाहर लाकर रोजगार में लगाने की दशकों की मेहनत पर इस महामारी ने पानी फेर दिया है। अमेरिकी समाज का प्रगतिशील खेमा कोरोना महामारी के इन खतरनाक नतीजों को लेकर चिंतित है।

विज्ञापन


आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल फरवरी में महिलाओं ने एक बड़ा मुकाम तय किया था। तब अमेरिका में ऐसा पहली बार हुआ, जब गैर- कृषि नौकरियों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा हो गई। लेकिन अब एक साल बाद रोजगार में महिलाओं की भागीदारी 33 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
विज्ञापन


टीवी चैनल सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में 2.75 लाख और महिलाएं लेबर फोर्स (श्रम शक्ति) से अलग हो गईं। पिछले महीने जितने कर्मचारियों की नौकरी गई, उनमें 80 फीसदी महिलाएं थीं। अमेरिका के नेशनल वीमेन्स लॉ सेंटर के मुताबिक अब लेबर फोर्स में महिलाओं की भागीदारी की दर 57 फीसदी तक आ गई है। 1988 के बाद यह दर इतनी कम कभी नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई विशेषज्ञों ने कहा है कि जो महिलाएं अपने करियर के चरम पर थीं, उनके घर बैठ जाने का अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर होगा। नौकरियों से संबंधित वेबसाइट इनडीड के मुख्य अर्थशास्त्री जेड कोल्को ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा कि रोजगार के मामले में पुरुषों और महिलाओँ के बीच जो खाई पैदा हुई है, उसका कारण महामारी को लेकर उनका अलग-अलग अनुभव है। बच्चों की देखभाल महिलाओं के घर बैठने का एक बड़ा कारण है।

कोल्को के मुताबिक अगर 25 से 54 वर्ष की उम्र की उन महिलाओं पर ध्यान दें, जिनके बच्चे नहीं हैं, तो उनका 4.8 फीसदी हिस्सा रोजगार से बाहर हुआ है। इस उम्र वर्ग के रोजगार से बाहर होने वाले पुरुषों का अनुपात भी लगभग यही है। लेकिन जो महिलाएं मां हैं, उनमें 5.7 फीसदी नौकरी से बाहर गई हैं।

कोल्को के मुताबिक डिस्टेंस लर्निंग, ऑनलाइन पढ़ाई और बच्चों की देखभाल का महिलाओं पर ज्यादा बोझ पड़ा। इसकी वजह से बहुत सी महिलाओं ने नौकरी छोड़ दी है या नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी की तलाश नहीं कर रही हैं। दूसरे जानकारों ने कहा है कि महामारी खत्म होने के बाद भी महिलाओं पर आज के हालात का बुरा असर लंबे समय तक कायम रहेगा।

वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया है कि महामारी के पहले कम वेतन पर काम करने वाली सिंगल मदर्स में ऐसी बहुत सी हैं, जिनके सामने अब खाना और घर का किराया चुकाने की समस्या खड़ी हो गई है। इन महिलाओं के पास इतनी बचत नहीं थी, जिससे वे लंबे समय तक गुजारा कर सकें। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की अर्थशास्त्री बेटसी स्टीवेंसन के मुताबिक ऊंचे पदों पर काम करने वाली महिलाओं के संदर्भ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब उन महिलाओं ने प्रमोशन लेने से इनकार कर दिया।


उन्होंने अपनी कंपनियों को बताया कि बच्चों के पालन-पोषण की बड़ी जिम्मेदारी के साथ प्रमोशन के साथ बढ़ने वाली दफ्तरी जिम्मेदारी वे नहीं निभा पाएंगी। स्टीवेन्सन के मुताबिक करियर चुनने या अपनी नई जिंदगी शुरू करने के फैसले लेने के मामले में कोरोना महामारी के अनुभव का असर अगली पीढ़ी की महिलाओं पर भी पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed