Pakistan: 'अंधेरा फैलाने वाली ताकतों का समर्थन नहीं करेगी सरकार,' कार्यवाहक PM ने की ईसाइयों पर हमले की निंदा
Pakistan: पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर ने पंजाब प्रांत में अल्पसंख्यक ईसाइयों पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि उनकी अंतरिम सरकार समाज में अंधेरा फैलाने वाली ताकतों का समर्थन नहीं करेगी।
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पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर ने पंजाब प्रांत में अल्पसंख्यक ईसाइयों पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि उनकी अंतरिम सरकार समाज में अंधेरा फैलाने वाली ताकतों का समर्थन नहीं करेगी। पंजाब देश में मुस्लिम बहुल प्रांत है।
लाहौर से 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के जारनवाला कस्बे में ईशनिंदा के आरोपों को लेकर भीड़ ने बुधवार को 21 गिरजाघरों और ईसाइयों के 35 घरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
संघीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक के दौरान काकर कहा कि इस देश में अल्पसंख्यकों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा, एक वर्ग के द्वारा हाशिए पर पड़े लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन इसका सख्ती से जवाब दिया जाएगा। कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तान सरकार और समाज ऐसे तत्वों से मेल नहीं खाता। वे हमसे हो सकते हैं, लेकिन वे हमसे अलग है, वे हमारी पहचान प्रक्रिया से अलग हैं। हम अंधेरे की ताकतों के साथ खड़े नहीं हैं।
12 अगस्त को पदभार संभालने वाले काकर ने कहा, हम अतिवाद को इस समाज में मजबूती से हतोत्साहित करेंगे, चाहे वह किसी भी रूप में हो। हम अंधेरे की ताकतों के पक्ष में नहीं खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन पर अंकुश लगाया जाएगा और उन्हें कानून द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।
जिओ न्यूज ने उनके हवाले से कहा, जब एक समूह बहुमत में है, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अल्पसंख्यकों की रक्षा की जाए। लेकिन इस आधार पर नहीं कि वे आपके विश्व दृष्टिकोण में परिवर्तित हो जाएंगे। उनका भरण-पोषण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। काकर ने यह भी माना कि अंतरिम सरकार के पास राष्ट्र की सेवा करने के लिए सतत जनादेश नहीं है, लेकिन वह नई पहलों का समर्थन करने की कोशिश करेंगे।
काकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अल्लाह उन्हें अंतरिम अवधि में पाकिस्तान का नेतृत्व करने और चलाने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यवाहक ढांचा पिछली सरकारों द्वारा की गई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को जारी रखने के लिए नींव रखने की कोशिश करेगा।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा, हम नई पहलों का समर्थन करने की कोशिश करेंगे, जो भी कानून और संविधान हमें करने की अनुमति देता है। गुरुवार को शपथ लेने वाले नए मंत्रिमंडल को आम चुनावों तक देश को चलाने का काम सौंपा गया है, जो नवंबर से आगे टल सकते हैं, क्योंकि चुनाव आयोग ने नई जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन करने का फैसला किया है।
संसद के 342 सदस्यीय निचले सदन का पांच साल का कार्यकाल 12 अगस्त को समाप्त होने वाला था। लेकिन, तत्कालीन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चुनाव कराने के लिए 90 दिन का समय पाने के लिए नेशनल असेंबली को निर्धारित अवधि से तीन दिन पहले ही भंग कर दिया था।