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आखिर अमेरिकी परंपरा को क्यों ‘शर्मसार’ कर रहे हैं ट्रंप! सत्ता हस्तांतरण में कर रहे हैं देरी

Wed, 11 Nov 2020 07:07 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 11 Nov 2020 07:07 PM IST
सार

अमेरिकी परंपरा के मुताबिक चुनाव के बाद ढाई महीनों का समय सत्ता हस्तांतरण के लिए रखा गया है। मगर ट्रंप ने ये प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इसके विपरीत उनके विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मंगलवार रात कहा कि “सत्ता का सहज हस्तांतरण दूसरे ट्रंप प्रशासन के हाथों में” होगा...

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Why Trump is shaming American tradition, why he is delaying in transfer of power
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

अपनी हार स्वीकार ना करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख से अमेरिका में संकट बढ़ता जा रहा है। तमाम मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में ट्रंप समर्थक गुट “चुनाव चुरा लिए जाने” का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतर कर उग्र विरोध जता रहे हैं। बुधवार सुबह (भारतीय समय के अनुसार) नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस मसले पर अपनी जुबान खोली। उन्होंने ट्रंप के रुख को “शर्मसार करने वाला” बताया। कहा कि इससे ट्रंप की विरासत में चार चांद नहीं लगेंगे। बाइडन जोर दिया कि ट्रंप का कार्यकाल खत्म होते ही सत्ता के हस्तांतरण को कोई नहीं रोक सकेगा। ट्रंप का कार्यकाल अगले 20 जनवरी को पूरा होगा।   

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लेकिन ट्रंप ट्रांजिशन (सत्ता हस्तांतरण) की प्रक्रिया की तरफ बढ़ते नहीं दिखते। अमेरिकी परंपरा के मुताबिक चुनाव के बाद ढाई महीनों का समय सत्ता हस्तांतरण के लिए रखा गया है। मगर ट्रंप ने ये प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इसके विपरीत उनके विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मंगलवार रात कहा कि “सत्ता का सहज हस्तांतरण दूसरे ट्रंप प्रशासन के हाथों में” होगा।
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यानी रिपब्लिकन पार्टी इस बात पर अड़ी हुई है कि चुनाव असल में ट्रंप ने जीता है और अगले चार साल के लिए वही राष्ट्रपति रहेंगे। ये बात पार्टी प्रवक्ता अपने समर्थक मीडिया से भी कह रहे हैं। इस बीच ट्रंप लगातार प्रशासनिक फैसले ले रहे हैं। उन्होंने सोमवार को रक्षा मंत्री मार्क एस्पर को बर्खास्त कर दिया। जबकि परंपरा यह है कि पराजित राष्ट्रपति ऐसे बड़े फैसले नहीं लेते। 
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अब बाइडन की टीम ने धमकी दी है कि अगर ट्रंप प्रशासन ने सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के लिए धन मुहैया कराने से इनकार किया और बाइडन की टीम की सरकारी दफ्तरों तक पहुंच रोकी, तो वह कानूनी कार्रवाई करेगी। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के मुताबिरक ह्वाइट हाउस के भीतर सभी कर्मचारियों को यह निर्देश दिया गया है कि जब तक ट्रंप अपनी हार स्वीकार नहीं करते, वे सत्ता हस्तांतरण की किसी प्रक्रिया में शामिल ना हों। उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने अपने मातहत कर्मचारियों से कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और ट्रंप अभी नहीं हारे हैं। इसलिए सारे काम पहले की तरह जारी रखे जाएं।

सीएनएन के मुताबिक राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ जॉन मैकएनटी ने ह्वाइट हाउस के कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर यह मानकर कि ट्रंप हार गए हैं उन्होंने दूसरी नौकरी ढूंढने की कोशिश की, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने चुनाव की विश्वसनीयता को संदिग्ध बताते हुए पहले ही जोरदार प्रचार अभियान छेड़ दिया है। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अलग-अलग राज्यों की अदालतों में अनेक याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि इनमें चुनावी धांधली के कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए हैं। लेकिन ट्रंप अपने कट्टर समर्थकों तक ये संदेश पहुंचाने में सफल हो रहे हैं कि उन्हें चुनावी धांधली के जरिए हराया गया है। ट्रंप ने बड़ी रैलियां करने की योजना बनाई है। उन्होंने अपने दामाद और वरिष्ठ सलाहकार जैरेड कुशनर, अपने वकील रुडी जुइलियानी, अपने प्रचार अभियान प्रमुख जेसॉन मिलर आदि से कहा है कि वे रैलियों को संबोधित करें और दोबारा मतगणना की मांग उठाएं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसके बावजूद ह्वाइट हाउस के भीतर एक समूह ऐसा है, जो सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहता है। ह्वाइट हाउस के स्टाफ नीति निर्धारण प्रमुख क्रिस लिडेल की देखरेख में काम करते रहे हैं। लिडेल कुशनर के निकट सहयोगी हैं। सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया के लिए मुख्य रूप से वे ही जिम्मेदार हैं। बताया जा रहा है कि वे तब तक इस प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे, जब तक उन्हें ट्रंप या कुशनर की तरफ से इसका निर्देश नहीं मिलता।


सीएनएन के मुताबिक आखिरकार दबाव बढ़ने पर मुमकिन है कि ह्वाइट हाउस की टीम सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करे। लेकिन खबर है कि ट्रंप अपना विरोध जताने के लिए ओवल ऑफिस में नए राष्ट्रपति के साथ होने वाली पारंपरिक बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने अभी तक इसके लिए जो बाइडेन को आमंत्रण नहीं भेजा है, जबकि परंपरा है कि चुनाव परिणाम आते ही ऐसा कर दिया जाता है।

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