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Julian Assange: रिहाई के बाद साइपन क्यों गए विकीलीक्स के संस्थापक, इस अमेरिकी द्वीप का असांजे से क्या कनेक्शन?

Tue, 25 Jun 2024 11:48 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 25 Jun 2024 11:48 AM IST
सार

Wikileaks: जूलियन असांजे अमेरिका की जासूसी के आरोप में लंदन की जेल में 5 साल तक बंद रहने के बाद रिहा हो गए हैं। एक समझौते की तहत उन्होंने जासूसी की बात स्वीकार कर ली है। फिलहाल जूलियन असांजे प्रशांत महासागर में मौजूद सुदूर द्वीप साइपन पहुंच गए हैं।

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Why Julian Assange Is Flying To Remote Pacific Island Of Saipan
रिहाई के बाद जूलियन असांजे साइपन द्वीप गए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिका की जासूसी के आरोप में 5 साल तक लंदन की जेल में बंद रहने और रिहाई के बाद अब उनपर एक और केस के सिलसिले में सुनवाई होगी। जानकारी के मुताबिक जूलियन असांजे प्रशांत महासागर में मौजूद सुदूर द्वीप साइपन पहुंच गए हैं। जहां कोर्ट में बुधवार को उनको एक आपराधिक आरोप में दोषी करार दिए जाने की उम्मीद है। इस मामले में उन्हें 14 साल की कानूनी लड़ाई के बाद रिहा कर दिया जाएगा और आखिरकार जूलियन असांजे अपने घर ऑस्ट्रेलिया वापस लौट जाएंगे। 
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साइपन क्यों गए जूलियन असांजे?
अमेरिका के सरकारी वकीलों के अनुसार जूलियन असांजे ऑस्ट्रेलिया में अपने घर के पास एक अदालत में जाना चाहते थे, लेकिन महाद्वीपीय संयुक्त राज्य अमेरिका में नहीं जाने चाहते थे। बता दें कि साइपन द्वीप ऑस्ट्रेलिया में जूलियन असांजे के घर के अपेक्षाकृत नजदीक होने का फायदा है, जो लगभग 3 हजार किलोमीटर (1800 मील) दक्षिण में है। हालांकि हवाई द्वीप इससे दोगुने से भी ज्यादा दूर है। वहीं मामले में सिडनी विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल की प्रोफेसर एमिली क्रॉफोर्ड ने कहा, जूलियन असांजे को अमेरिकी कानून के तहत लगाए गए आरोपों का सामना करना होगा। यह अमेरिकी क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया के सबसे नजदीक अमेरिकी क्षेत्र में होना चाहिए जो हवाई द्वीप जैसा अमेरिकी राज्य न हो।
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कहां है साइपन द्वीप? 
जूलियन असांजे द्वीप के रवाना हुए हैं वो द्वीप उत्तरी मारियाना द्वीप समूह (एनएमआई) की राजधानी है, जो गुआम से लगभग 70 किलोमीटर (44 मील) उत्तर में शुरू होता है। गुआम या प्यूर्टो रिको जैसे क्षेत्रों की तरह, उत्तरी मारियाना द्वीप भी राज्य का पूर्ण दर्जा प्राप्त किए बिना अमेरिका का हिस्सा हैं। साइपन के निवासी अमेरिका के नागरिक हैं, लेकिन वो सभी राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि साइपन जैसे कुछ द्वीप अमेरिकी जिला न्यायालयों की मेजबानी भी करते हैं। जूलियन असांजे बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे (मंगलवार को 2300 जीएमटी) अदालत में पेश होंगे।
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साइपन और अमेरिका का इतिहास
लंबे समय तक स्पेन, जर्मनी और फिर जापान के उपनिवेश के रूप में रहने के बाद, अमेरिका ने 1944 में साइपन की लड़ाई के बाद द्वितीय विश्व युद्ध में इस द्वीप पर कब्जा कर लिया था। दशकों तक अमेरिकी नियंत्रण में रहने के बाद, 1975 में यहां के निवासियों ने एक क्षेत्र के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका में शामिल होने के लिए मतदान किया। साल 2008 में उत्तरी मारियाना द्वीप समूह ने पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए एक प्रतिनिधि चुना, लेकिन प्रतिनिधि के पास कांग्रेस में कोई वोट नहीं है।


जूलियन असांजे के मामले में अब क्या होगा?
अमेरिकी सरकारी वकीलों के मुताबिक जूलियन असांजे ने वर्गीकृत अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा दस्तावेजों को हासिल करने और उनका खुलासा करने की साजिश रचने के एक आपराधिक मामले में दोषी होने की दलील देने पर सहमति व्यक्त की है। उन्हें 62 महीने की सजा सुनाई जाएगी जो उन्होंने पहले ही काट ली है। इस मामले में अगर न्यायाधीश उनकी दलील को मंजूरी देते हैं, तो सुनवाई के बाद असांजे के ऑस्ट्रेलिया लौटने की उम्मीद है।
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