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Nepal: अब किसलिए नेपाल की यात्रा पर आ रहे हैं चीन की संसद के स्पीकर? कूटनीतिक विशेषज्ञों की रहेगी नजर
Sun, 04 Sep 2022 07:24 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 04 Sep 2022 07:24 PM IST
सार
वर्तमान देउबा सरकार के 14 महीनों के कार्यकाल में चीन के दो बड़े नेता पहले नेपाल की यात्रा कर चुके हैं। इस वर्ष मार्च में चीन के विदेश मंत्री वांग यी यहां आए थे। उसके बाद जुलाई में सीपीसी के विदेश विभाग के प्रमुख लिउ जियानचाओ ने काठमांडू की यात्रा की।
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ली झांनशु (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (संसद) की स्थायी समिति के अध्यक्ष ली झानशु 12 सितंबर से नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। उनके इस दौरे को हाल में चीन के कई बड़े नेताओं की हुई नेपाल यात्रा की कड़ी में ही देखा जा रहा है। नेपाल पिछले काफी समय से अमेरिका और चीन के बीच अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाने की चल रही होड़ का स्थल बना हुआ है। इसीलिए माना जा रहा है कि ली झानशु की यात्रा कूटनीतिक विशेषज्ञों की खास नजर रहेगी।
शी जिनपिंग के करीबी माने जाते हैं ली झानशु
यहां सरकारी सूत्रों ने मीडिया कर्मियों को बताया है कि ली नेपाल की प्रतिनिधि सभा के स्पीकर अग्नि प्रसाद सपकोटा के आमंत्रण पर काठमांडू आ रहे हैं। उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी समझा जाता है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो में वरिष्ठता के लिहाज से उनका दर्जा राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री ली किचियांग के बाद तीसरे नंबर पर आता है।
सीपीसी के 20वें महाधिवेशन से ठीक पहले यात्रा
कूटनीतिक विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि ली की ये यात्रा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) से ठीक पहले हो रही है। सीपीसी की 20वीं कांग्रेस अगले 16 अक्टूबर से होगी, जिसमें संभावना है कि शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना जाएगा। आमतौर पर जब देशों के अंदर नेताओं की ऐसी राजनीतिक व्यस्तता हो, तो विदेश यात्राएं नहीं होती हैं। इसके अलावा नेपाल में भी इस समय 20 नवंबर को होने वाले आम चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं।
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यूएमएल और सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) को एकसाथ लाना चाहता है चीन
टीकाकारों ने इस ओर ध्यान खींचा है कि चीनी नेतृत्व नेपाल के कम्युनिस्ट नेताओं को एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। खासकर वह चाहता है कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) एक साथ आ जाएं। फिलहाल यूएमएल प्रमुख विपक्षी दल है, जबकि माओइस्ट सेंटर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है।
चीन के दो बड़े नेता पहले कर चुके नेपाल का दौरा
वर्तमान शेर बहादुर देउबा सरकार के 14 महीनों के कार्यकाल में चीन के दो बड़े नेता पहले नेपाल की यात्रा कर चुके हैं। इस वर्ष मार्च में चीन के विदेश मंत्री वांग यी यहां आए थे। उसके बाद जुलाई में सीपीसी के विदेश विभाग के प्रमुख लिउ जियानचाओ ने काठमांडू की यात्रा की। लिउ ने यहां सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत की थी। खासकर कम्युनिस्ट नेताओं के साथ हुई उनकी वार्ताओं को यहां बहुत अहमियत दी गई थी।
पिछले महीने चीन गए थे नेपाल के विदेश मंत्री
इसके अलावा पिछले महीने नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का चीन यात्रा पर गए थे। उस समय ताइवान विवाद अपने चरम पर था। खड़का की चीन में विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान खड़का ने वन चाइना पॉलिसी के प्रति नेपाल की वचन बद्धता दोहराई थी।
इन शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे ली झानशु
सरकारी सूत्रों ने बताया है कि ली अपनी यात्रा के दौरान नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी, प्रधानमंत्री देउबा और स्पीकर सपकोटा से मिलेंगे। उनके साथ वरिष्ठ चीनी अधिकारियों का एक दल भी यहां आएगा। अखबार काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ली की यात्रा के पूरे कार्यक्रम की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी।
जनरल पांडे भी पांच दिन की यात्रा पर नेपाल पहुंचे
इस बीच भारत के थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रविवार को पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर नेपाल पहुंचे। यहां वह देश के शीर्ष सैन्य और असैन्य नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करेंगे। जनरल पांडे को इस यात्रा के दौरान सोमवार को काठमांडू में एक समारोह में राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी नेपाली सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान करेंगी।
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शी जिनपिंग के करीबी माने जाते हैं ली झानशु
यहां सरकारी सूत्रों ने मीडिया कर्मियों को बताया है कि ली नेपाल की प्रतिनिधि सभा के स्पीकर अग्नि प्रसाद सपकोटा के आमंत्रण पर काठमांडू आ रहे हैं। उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी समझा जाता है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो में वरिष्ठता के लिहाज से उनका दर्जा राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री ली किचियांग के बाद तीसरे नंबर पर आता है।
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सीपीसी के 20वें महाधिवेशन से ठीक पहले यात्रा
कूटनीतिक विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि ली की ये यात्रा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) से ठीक पहले हो रही है। सीपीसी की 20वीं कांग्रेस अगले 16 अक्टूबर से होगी, जिसमें संभावना है कि शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना जाएगा। आमतौर पर जब देशों के अंदर नेताओं की ऐसी राजनीतिक व्यस्तता हो, तो विदेश यात्राएं नहीं होती हैं। इसके अलावा नेपाल में भी इस समय 20 नवंबर को होने वाले आम चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं।
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यूएमएल और सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) को एकसाथ लाना चाहता है चीन
टीकाकारों ने इस ओर ध्यान खींचा है कि चीनी नेतृत्व नेपाल के कम्युनिस्ट नेताओं को एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। खासकर वह चाहता है कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) एक साथ आ जाएं। फिलहाल यूएमएल प्रमुख विपक्षी दल है, जबकि माओइस्ट सेंटर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है।
चीन के दो बड़े नेता पहले कर चुके नेपाल का दौरा
वर्तमान शेर बहादुर देउबा सरकार के 14 महीनों के कार्यकाल में चीन के दो बड़े नेता पहले नेपाल की यात्रा कर चुके हैं। इस वर्ष मार्च में चीन के विदेश मंत्री वांग यी यहां आए थे। उसके बाद जुलाई में सीपीसी के विदेश विभाग के प्रमुख लिउ जियानचाओ ने काठमांडू की यात्रा की। लिउ ने यहां सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत की थी। खासकर कम्युनिस्ट नेताओं के साथ हुई उनकी वार्ताओं को यहां बहुत अहमियत दी गई थी।
पिछले महीने चीन गए थे नेपाल के विदेश मंत्री
इसके अलावा पिछले महीने नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का चीन यात्रा पर गए थे। उस समय ताइवान विवाद अपने चरम पर था। खड़का की चीन में विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान खड़का ने वन चाइना पॉलिसी के प्रति नेपाल की वचन बद्धता दोहराई थी।
इन शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे ली झानशु
सरकारी सूत्रों ने बताया है कि ली अपनी यात्रा के दौरान नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी, प्रधानमंत्री देउबा और स्पीकर सपकोटा से मिलेंगे। उनके साथ वरिष्ठ चीनी अधिकारियों का एक दल भी यहां आएगा। अखबार काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ली की यात्रा के पूरे कार्यक्रम की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी।
जनरल पांडे भी पांच दिन की यात्रा पर नेपाल पहुंचे
इस बीच भारत के थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रविवार को पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर नेपाल पहुंचे। यहां वह देश के शीर्ष सैन्य और असैन्य नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करेंगे। जनरल पांडे को इस यात्रा के दौरान सोमवार को काठमांडू में एक समारोह में राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी नेपाली सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान करेंगी।