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कौन था जेफ्री एपस्टीन?: जिसके काले चिट्ठों की खुलेगी पोल, कभी रहा ट्रंप का करीबी; किन मामलों में फंसा-कैसे मरा

Thu, 18 Dec 2025 08:02 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 18 Dec 2025 08:02 PM IST
सार

जिस जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स से बड़े खुलासों की अटकलें लगाई जा रही हैं, वह आखिर कौन था? कैसे अमेरिका के एक छोटे से शहर में स्कूल में पढ़ाने वाला एक शख्स, जो खुद कभी ग्रैजुएशन तक पूरा नहीं कर पाया, कैसे कामयाबी और शोहरत की सीढ़ियां चढ़ता चला गया? किस तरह इस शख्स ने एक के बाद एक सियासत और ग्लैमर जगत की चर्चित हस्तियों तक पहुंच गया? अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एपस्टीन का नाम क्यों जुड़ता है? इसके अलावा कैसे एपस्टीन ने अर्श से फर्श तक का सफर तय किया? आइये जानते हैं...

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Who was Jeffrey Epstein Profile Epstein Files Molestation Case Documents to be revealed  US President Trump
जेफ्री एपस्टीन। - फोटो : अमर उजाला/HOC

विस्तार

अमेरिका में शुक्रवार (19 दिसंबर) एक बड़ा दिन साबित हो सकता है। दरअसल, इस दिन अमेरिकी कांग्रेस के निर्देश के तहत नाबालिगों से यौन उत्पीड़न के दोषी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी कई फाइल्स रिलीज होनी हैं। इस मामले को लेकर चर्चा इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई नेताओं-सेलिब्रिटीज के एपस्टीन के साथ करीबी रिश्तों की बात सामने आती रही है। आरोप तो यहां तक लगे हैं कि जिन जगहों पर एपस्टीन ने नाबालिगों के साथ पार्टियां की हैं, उन जगहों पर इन बड़े नामों की मौजूदगी रही। ऐसे में माना जा रहा है कि एपस्टीन की डायरी, उनके यात्रा के ब्योरे, ईमेल, चिट्ठियों, दस्तावेजों आदि का जो काला चिट्ठा अब जनता के सामने आने वाला है, उसमें कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। 
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर जिस जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स से बड़े खुलासों की अटकलें लगाई जा रही हैं, वह आखिर कौन था? कैसे अमेरिका के एक छोटे से शहर में स्कूल में पढ़ाने वाला एक शख्स, जो खुद कभी ग्रैजुएशन तक पूरा नहीं कर पाया, कैसे कामयाबी और शोहरत की सीढ़ियां चढ़ता चला गया? किस तरह इस शख्स ने एक के बाद एक सियासत और ग्लैमर जगत की चर्चित हस्तियों तक पहुंच गया? अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एपस्टीन का नाम क्यों जुड़ता है? इसके अलावा कैसे एपस्टीन ने अर्श से फर्श तक का सफर तय किया? आइये जानते हैं...
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कौन था जेफ्री एपस्टीन?
जेफ्री एपस्टीन का जन्म और शुरुआती जीवन न्यूयॉर्क में बीता। बताया जाता है कि 1970 के दशक में एपस्टीन ने न्यूयॉर्क में ही डॉल्टन स्कूल में गणित (मैथ्स) से लेकर भौतिकी (फिजिक्स) तक पढ़ाया। उसने खुद भी एक यूनिवर्सिटी से इनकी पढ़ाई की थी, हालांकि वह कभी ग्रैजुएशन पूरा नहीं कर पाया। 

जिस दौरान एपस्टीन स्कूल में पढ़ा रहा था, तभी एक छात्र के पिता उससे इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने जेफ्री को वॉल स्ट्रीट में स्थित निवेश बैंक 'बीयर स्टियर्न्स' के एक सीनियर पार्टनर से मिलाया। यहां पहुंचने के बाद जेफ्री ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। चार साल बाद ही वह निवेश बैंक का पार्टनर बन गया। 1982 में वह इस फर्म से अलग हुआ और अलग जे. एपस्टीन एंड कंपनी की स्थापना कर दी। 

एपस्टीन अपनी कंपनी के जरिए उन क्लाइंट्स की संपत्तियों को संभालता, जिनकी कीमत उस दौर में एक अरब डॉलर से ज्यादा होती थी। एपस्टीन ने अपने संपर्क भी इस कदर बढ़ाए कि देखते ही देखते वह वॉल स्ट्रीट में चर्चित नाम बन गया और उसकी कंपनी कई बड़े चेहरों की संपत्तियों के प्रबंधन में जुड़ गई। इस सफलता की वजह से जेफ्री एपस्टीन ने भी जबरदस्त कमाई की और अगले कुछ साल में उसने फ्लोरिडा में मैंशन, न्यू मैक्सिको में रैंच और न्यूयॉर्क का सबसे बड़ा निजी घर तक खरीद लिया। यहां वह सेलिब्रिटीज, कलाकारों और नेताओं के साथ कई बार पार्टियां आयोजित करता था। बताया जाता है कि इन पार्टियों में तब उभरते हुए अरबपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहुंचते थे। 

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किन-किन लोगों के साथ जुड़ा जेफ्री एपस्टीन का नाम?
जेफ्री एपस्टीन और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लेकर कई बातें सामने आई हैं। दोनों के बीच कुछ समय बाद ही दरार का खुलासा खुद ट्रंप ने किया है। हालांकि, एपस्टीन का नाम सिर्फ ट्रंप के साथ ही नहीं जुड़ा, बल्कि अपने घरों पर महंगी और आलीशान पार्टियों के जरिए उसने सैकड़ों बड़े नामों के साथ संपर्क बनाया। इनमें पूर्व राष्ट्रपति से लेकर अभिनेता और विदेश के नेता और चर्चित हस्तियां तक शामिल रहीं।

2003 में टिफनी एंड कंपनी की सीईओ रोजा मॉन्कटन ने वैनिटी फेयर मैगजीन को बताया था कि एपस्टीन के बारे में बहुत कुछ ऐसा था, जिसे लोग नहीं जान पाए। यानी आप जो देखते थे, एपस्टीन उससे ज्यादा रहस्यमयी था।

अर्श से फर्श पर गिरने की क्या कहानी?
2005 में एपस्टीन के खिलाफ एक बड़ा मामला सामने आया। एक 14 साल की बच्ची के माता-पिता ने फ्लोरिडा में पुलिस से शिकायत की कि एपस्टीन ने उनकी बेटी का अपने पाम बीच स्थित घर पर उत्पीड़न किया। पुलिस ने इसके बाद जब एपस्टीन के घर छापेमारी की तो उन्हें कई लड़कियों की तस्वीरें घर के कई हिस्सों में मिलीं। 

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उस दौरान स्थानीय अखबार- मयामी हेराल्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जेफ्री एपस्टीन कई साल से नाबालिग लड़कियों के उत्पीड़न में शामिल था। पाम बीच के पुलिस प्रमुख के हवाले से तब अखबार ने छापा था कि एपस्टीन पर लगे उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े तथ्य सुनी-सुनाई बातों पर आधारित नहीं थे, बल्कि जांच में सामने आया था कि पीड़ितों में करीब 50 लड़कियां और एक लड़का शामिल था। सभी लड़कियों की कहानी तो लगभग एक जैसी थी। यहीं से एपस्टीन के लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई शुरू हुई। 

2007 में स्तंभकार माइकल वोल्फ ने न्यूयॉर्क मैगजीन को बताया था- "जब एपस्टीन उत्पीड़न के मामले में घिर चुका था, तब उसने मुझसे कहा था कि वह युवा लड़कियों को पसंद करता है।"

2008 एपस्टीन के लिए राहत लेकर आया। दरअसल, इस साल अभियोजन पक्ष ने उसे एक समझौते की पेशकश की, जिसके तहत उस पर संघीय कानून के तहत आरोप तय नहीं किए जाएंगे। अगर ऐसा होता तो अमेरिका के सख्त कानून के तहत एपस्टीन को पूरा जीवन जेल में गुजारना पड़ता। हालांकि, अभियोजन पक्ष की तरफ से कुछ हल्की धाराओं में आरोप तय किए जाने के बाद उसे 18 महीने की जेल की सजा हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस समझौते के तहत वह हर दिन अपने कार्य के लिए हफ्ते में छह दिन 12 घंटे के लिए जेल से बाहर जा सकता था। इतना ही नहीं जब एपस्टीन ने सजा के 13 महीने पूरे कर लिए तो उसे जांच के अंतर्गत जेल से बाहर ही कर दिया गया। 


 

इसे लेकर भी मयामी हेराल्ड अखबार ने तब अपनी रिपोर्ट में कहा था कि संघीय अभियोजक एलेक्जेंडर अकोस्टा ने एपस्टीन की सजा को लेकर समझौता किया था, जिसमें उसके अपराध के प्रभाव को कम दर्शाया गया। इसी के साथ एपस्टीन के खिलाफ अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की तफ्तीश भी बंद हो गई। बताया जाता है कि तब एफबीआई उत्पीड़न के बाकी शिकार लोगों और इसमें शामिल अन्य शक्तिशाली लोगों की खोज में जुटी थी। मयामी हेराल्ड ने इसे तब 'सदी का सबसे बड़ा समझौता' करार दिया था। 

2008 के बाद एपस्टीन को न्यूयॉर्क में यौन उत्पीड़न के अपराध से जुड़े लोगों की लिस्ट में लेवल-3 में शामिल किया गया। यानी उसे उन अपराधियों के वर्ग में रखा गया था, जिनकी ओर से दोबारा उत्पीड़न की घटनाओं को अंजाम दिए जाने का खतरा था। हालांकि, एपस्टीन ने जेल से बाहर आने के बाद अपनी संपत्तियों और कंपनी के प्रबंधन को जारी रखा। दावा किया जाता है कि कई अहम हस्तियों ने उससे संपर्क रखा, जिनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू शामिल थे। 

2010 में जेफ्री एपस्टीन को एक मौके पर प्रिंस एंड्रयू के साथ भी देखा गया था। बाद में एक इंटरव्यू में एंड्रयू ने दावा किया था कि वे सिर्फ एपस्टीन से अपनी दोस्ती तोड़ने गए थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें एक यौन उत्पीड़न के दोषी के साथ दोस्ती रखने और कई मौकों पर उसके घर पर रुकने का भी खेद है। हालांकि, बाद में एपस्टीन के जो ईमेल और दस्तावेज सार्वजनिक हुए, उनमें सामने आया कि प्रिंस एंड्रयू आगे भी एपस्टीन के संपर्क में रहे। एपस्टीन पर आरोप लगाने वाली एक महिला वर्जीनिया गिफर ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन ने 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें एंड्रयू के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। एंड्रयू ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था और कहा था कि उन्हें लंदन में गिफर से मिलने या तस्वीर खिंचाने की बात याद नहीं है। हालांकि, 2022 में एंड्रयू ने गिफर को अपने खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के मामले को खत्म करने के लिए करोड़ों की राशि चुकाई थी। एंड्रयू को लेकर बाद में और भी खुलासे हुए। 2025 में एंड्रयू से उनका शाही पद और प्रिंस शीर्षक छीन लिया गया। 

दोबारा क्यों खुला था एपस्टीन के खिलाफ मामला?
पहली बार महज 13 महीने में ही जेल से छूटने वाले एपस्टीन की मुश्किलें 2019 में फिर बढ़ीं। इसकी प्रमुख तौर पर दो वजहें रहीं। पहली- स्थानीय अखबार मयामी हेराल्ड, दूसरी- मी टू अभियान, जिसके जरिए एक के बाद एक पीड़ितों ने एपस्टीन के खिलाफ खुलासे शुरू किए। 

2008-2018
दरअसल, हुआ कुछ यूं कि एपस्टीन के जेल से छूटने के बाद भी मयामी हेराल्ड ने ऐसे सबूत हासिल करने जारी रखे, जिनसे एपस्टीन के गुनाहों की लिस्ट लंबी होती गई। अखबार ने इस दौरान कई पीड़ितों को ढूंढा। यही वह दौर था, जब एपस्टीन और प्रिंस एंड्रयू पर आरोप लगाने वाली वर्जीनिया गिफर खुले तौर पर सामने आईं। गिफर की ओर से कोर्ट में दायर एक केस के आधार पर मयामी हेराल्ड ने याचिका डाली, जिसमें 2008 के एपस्टीन केस से जुड़े रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक करने के लिए कहा गया।

आखिरकार नवंबर 2018 में अखबार की पत्रकार जूली ब्राउन ने एपस्टीन के उत्पीड़न के मामलों को लेकर अखबार में सबूत पेश किए। इसके अलावा उसको 2008 में जिस समझौते के तहत अभियोजन पक्ष से छूट मिली थी, उसकी विस्तृत जानकारी भी साझा की। इसमें सामने आया कि तब अभियोजक रहे एलेक्जेंडर अकोस्टा ने गुपचुप ढंग से एपस्टीन को सिर्फ राज्य की ओर से लगाए गए आरोपों को कबूलने के लिए कहा गया, जिनके तहत यौन उत्पीड़न की सजा कम थी। एपस्टीन को संघीय यौन उत्पीड़न कानून और यौन तस्करी के आरोपों को किनारे कर दिया गया। इस बारे में पीड़ितों को भी जानकारी नहीं दी गई थी। मामले में नए खुलासे होने के बाद अकोस्टा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा, हालांकि उनका कहना था कि वह एपस्टीन को कुछ समय के लिए जेल में रखने के लिए प्रतिबद्ध थे। 

2019
अखबार की ओर से हुए इस खुलासे और एक के बाद एक पीड़ितों के सामने आने के बाद दुनियाभर में इस मामले की चर्चा हुई।  एपस्टीन और अभियोजन पक्ष के बीच हुए समझौते को पीड़िताओं की तरफ से कोर्ट में चुनौती दी गई। सार्वजनिक तौर पर हुए इन खुलासों और कोर्ट में अभियोजन पक्ष की गलतियों का खुलासा होने के बाद एपस्टीन उत्पीड़न का मामला फिर खुल गया। 

6 जुलाई 2019 को जब जेफ्री अपने प्राइवेट जेट से फ्रांस के पेरिस से लौटा तो उसे न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया, जहां उस पर नाबालिगों की यौन तस्करी और इसकी साजिश रचने से जुड़े आरोपों में केस शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने उसके न्यूयॉर्क स्थित मैंशन को भी जब्त करने की कार्यवाही शुरू की। इसी बंगले में कई अपराधों के होने की बात सामने आई थी। 

एपस्टीन को इस दौरान न्यूयॉर्क की एक जेल में रखा गया था। 31 जुलाई को कोर्ट में पेशी के बाद यह साफ हो गया कि एपस्टीन को करीब एक साल तक जेल में रहना पड़ सकता है और 2020 में गर्मियों के सीजन से पहले उसके मामले की सुनवाई नहीं होगी। हालांकि, एपस्टीन इसके बाद कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। 10 अगस्त 2019 को सुबह करीब 6.30 बजे एपस्टीन को अपने कैदखाने में अचेत पाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उस दौरान खबरें चलीं की एपस्टीन ने 66 वर्ष की उम्र में आत्महत्या कर ली।

ट्रंप से एपस्टीन के रिश्तों को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया?
यह बात चौंकाने वाली नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप का नाम इन दस्तावेजों में होगा, खास तौर पर एपस्टीन के निजी जेट से उड़ान लॉग में, जिसे 'लोलिटा एक्सप्रेस' के नाम से जाना जाता है। ट्रंप ने 1993 और 1997 के बीच सात बार इस जेट से उड़ान भरी। उन्होंने इससे मुख्य रूप से पाम बीच, फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क शहर के बीच यात्रा की। इनमें से कुछ उड़ानों में उनकी तत्कालीन पत्नी मार्ला मेपल्स, उनकी बेटी टिफनी और एक देखभाल करने वाली शामिल थीं। जेफरी एपस्टीन खुद इनमें से कुछ यात्राओं में एक यात्री के रूप में शामिल थे। एपस्टीन के एक अभियुक्त जोहाना सोजबर्ग की गवाही में 2001 की एक घटना का जिक्र है, जिसमें एपस्टीन के विमान को अटलांटिक सिटी की ओर मोड़ दिया गया था और एपस्टीन ने ट्रंप के कैसीनो में से एक में जाने का सुझाव दिया था। ट्रंप का नाम एपस्टीन की संपर्क सूची में इवाना ट्रंप और मिक जैगर जैसी अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ भी दिखाई देता है।

Epstein emails Donald Trump had spent hours at Epstein's house with a victim of trafficking

हाल ही में एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी कुछ और तस्वीरें डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से रिलीज की गईं। इनमें डोनाल्ड ट्रंप को कई लड़कियों के साथ खड़े दिखाया गया है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और एपस्टीन की साथ की तस्वीरें भी हैं। तस्वीरों के इस ड्रॉपबॉक्स में एपस्टीन के उस घर को भी दर्शाया गया है, जहां कथित तौर पर पार्टियां और यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुईं। इसके अलावा कुछ समय पहले ही डेमोक्रेट्स ने एक ईमेल भी लीक किया था। 2011 के इस ईमेल में एपस्टीन ने अपनी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को लिखा, तुम समझो कि जो अब तक चुप है, वह ट्रंप है। उसने आगे कहा कि ट्रंप मेरे घर पर घंटों एक लड़की के साथ रहे, जिसे कमेटी ने एक पीड़िता बताया है। 
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