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WHO: कफ सिरप से मौत पर डब्ल्यूएचओ ने मांगा स्पष्टीकरण; पूछा-भारत में कैसे होती है बच्चों की दवाओं की निगरानी

Thu, 09 Oct 2025 05:09 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 09 Oct 2025 05:09 AM IST
सार

अगले 10 साल में भारत का फार्मा निर्यात 130 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तर से 10 गुना अधिक होगा। हालांकि, भारत निर्मित सिरप को पहले भी कई देशों में बच्चों की मौत से जोड़ा गया है।

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WHO seeks clarification on cough syrup deaths; asks how children's medicines are monitored in India
नकली कफ सिरप (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान और मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के कारण 29 बच्चों की मौत का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार को ईमेल भेजकर इस घटना और बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगा है। डब्ल्यूएचओ ने सवाल उठाया कि जब भारत विश्व में कफ सिरप निर्यात में अग्रणी देश है, तब निर्यात से पहले और बाद में उनकी गुणवत्ता जांच व्यवस्था कितनी मजबूत है। संगठन ने यह भी पूछा है कि मध्य प्रदेश जैसे हादसों को रोकने के लिए भारत ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और संदिग्ध दवाओं की निगरानी प्रणाली (फार्माकोविजिलेंस) किस स्तर पर काम कर रही है।

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डब्ल्यूएचओ ने ईमेल में स्पष्ट किया है कि कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) की पहचान आसान नहीं होती और इसकी पुष्टि में कई महीने लग सकते हैं। यह रसायन सामान्यतः एंटी-फ्रीज एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, पर जब यह दवाओं में मिल जाता है तो किडनी फेल होने, लकवा और मौत तक का कारण बन सकता है। बता दें कि गांबिया में मौतों के छह माह बाद डीईजी की पुष्टि हुई थी।
 
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क्या बाजार से दवाएं वापस लेने का चलाया अभियान
डब्ल्यूएचओ ने अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) का हवाला देते हुए पूछा है कि क्या भारत में भी संक्रमित दवाओं की सार्वजनिक रिकॉल ड्राइव चलाई गई, जैसा कि 1937 में अमेरिका के एफडीए ने किया था जब 239 निरीक्षकों को तैनात कर हर दूषित बोतल वापस मंगाई गई थी।

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विश्व में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है भारत
भारत विश्व में कफ सिरप का सबसे बड़ा निर्यातक है। वैश्विक स्तर पर कुल जेनेरिक दवाओं का सर्वाधिक 20 फीसदी भारत से निर्यात होता है। भारत घरेलू उत्पादन का लगभग 80 फीसदी हिस्सा विदेश भेजता है, जिनमें कफ सिरप भी शामिल है। 14 अगस्त तक 4,008 कफ सिरप खेप भारत से निर्यात हुईं।

अनुमान है कि अगले 10 साल में भारत का फार्मा निर्यात 130 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तर से 10 गुना अधिक होगा। हालांकि, भारत निर्मित सिरप को पहले भी कई देशों में बच्चों की मौत से जोड़ा गया है। 2022 में गांबिया में 66, 2023 में उज्बेकिस्तान में 65 व कैमरून में 10 बच्चों की मौत के लिए कफ सिरप को जिम्मेदार ठहराया गया।

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