डब्ल्यूएचओ ने बताई नए साल की 10 बड़ी चुनौतियां, लक्ष्य और समाधान
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स्वास्थ्य के लिए 2020 पूरी दुनिया के लिए जो विपदा लेकर आया वह अभी खत्म नहीं हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2021 में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने, बढ़ाने और इन्हें अधिक लोगों तक पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। नई पहल को 10 बिंदुओं के जरिए सामने रखा है। आइये जानते हैं कौनसी है नई पहल व घोषणाएं
1. विश्व मिलकर बनाए बायो-बैंक व आपातकाल की वर्कफोर्स
'जब तक सभी सुरक्षित नहीं, कोई भी सुरक्षित नहीं ', यह याद रखते हुए विश्व को एकसाथ काम करना होगा। एक वैश्विक आपातकालीन वर्कफोर्स बनानी होगी जो भविष्य की महामारी के वक्त साथ काम करे, प्रशिक्षण दे और स्वास्थ्य सेवाओं के मानक तय करे। साथ ही बायो-बैंक बनाना होगा, जिससे पैथोजन तत्व और क्लीनिकल सैंपल एक दूसरे से तुरंत साझा हों ताकि प्रभावी टीके व दवाएं बनाने में मदद मिले।
2. 10 साल में खत्म करेंगे वायरल हैपेटाइटिस
पोलियो व लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान कोविड-19 की वजह से पीछे छुट गए हैं। इन्हें 2021 में फिर गति दी जाएगी। 20 तरह की निग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) रोकने के लिए 10 साल की कार्ययोजना लागू होगी। 2030 तक वायरल हैपेटाइटिस के खात्मे का लक्ष्य रखा जा रहा है।
3. 10 करोड़ लोगों की तंबाकू छुड़ाने का लक्ष्य
2021 में संगठन गैर संक्रामक रोगों जैसे कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज आदि की जांच व पीड़ितों को इलाज के लिए कार्यक्रम शुरू करेगा। 10 करोड़ लोगों की तंबाकू छुड़ाने के लिए अभियान चलाएगा।
4. दवा प्रतिरोधी बने बैक्टीरिया, वायरस, फंगल व परजीवियों के इलाज की तलाश
दवा प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने से यानी एंटी माइक्रोबियल रजिस्टेंस की वजह से कई बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवियों के इलाज में ज्यादा समय लग रहा है। एजेंसियां व दवा विशेषज्ञ पहली बार जनवरी में बैठक करेंगे और दवा प्रतिरोध पर निगरानी, इलाज की योजना और चिकित्सा व्यवस्था में इसे शामिल करने के रास्ते निकालेंगे।
5. कोविड-19 जांच व टीकाकरण में तेजी
संगठन के ‘एक्सेस टू कोविड टेस्ट’ मिशन के तहत 2021 में आर्थिक रूप से कमजोर देशों में 200 करोड़ टीके भेजने, 24.5 करोड़ लोगों के इलाज और 50 करोड़ लोगों की जांच का लक्ष्य तय हुआ है। ऐसे और कार्यक्रम शुरू करने होंगे ताकि कोविड-19 की जांच, उपचार और टीकाकरण तेजी से हो।
6. स्वास्थ्य सेवाओं में भेदभाव का खात्मा
कोविड-19 ने स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद भेदभाव उजागर किए हैं। देशों के भीतर ही आर्थिक स्थिति, लिंग, क्षेत्र, नस्ल, शिक्षा, रोजगार आदि की वजह से यह भेदभाव हो रहा है, जिसे खत्म करना होगा। सात अप्रैल 2021 को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर यह विषय प्रमुखता से उठाया जाएगा।
7. यूएचसी डाटाबेस से पता चलेगा कौन से देश में क्या बीमारी ज्यादा
प्राथमिक स्वास्थ देखभाल कार्यक्रम शुरू करेगा। विभिन्न देशों का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) डाटाबेस भी बना रहा है। इससे इन देशों में कौन-सी बीमारियां बढ़ रही हैं, उनके इलाज के लिए क्या सेवाएं चाहिए आदि जानकारियां मिलेगी।
8. स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक कार्यों पर निगरानी
कोविड-19 और अन्य बीमारियों से जुड़े वैज्ञानिक कार्यों पर नजर रखते हुए संगठन इन्हें सभी तक पहुंचाने पर काम करेगा। इससे सभी जगह स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
9. फिर से लेकिन बेहतर निर्माण
जून 2021 में कॉन्फ्रेंस और विभिन्न आयोगों की रिपोर्ट में आई सिफारिशों को लागू करके बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से बनाने पर संगठन जोर देगा। इनमें बच्चों, उनके पोषण और बीमारियों से बचाव को प्राथमिकता मिलेगी।
10. एक दूसरे से सहानुभूति बढ़ाने पर काम
देशों, संगठनों, समुदायों से लेकर आम नागरिकों तक में एक दूसरे के प्रति सहानुभूति बढ़ाने के लिए डब्ल्यूएचओ काम करेगा। इसमें युवाओं, सिविल सोसाइटी और प्राइवेट सेक्टर को भागीदार बनाया जाएगा।
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